संसद के बजट सत्र के दौरान इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में एक घटना ने सियासी माहौल को और गरमा दिया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के मकर द्वार के पास रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को कथित तौर पर “गद्दार” कह दिया। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। वहीं अब खुद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए राहुल गांधी पर पलटवार किया है। मीडिया से बातचीत में बिट्टू ने कहा, “उनके (राहुल गांधी) अंदर का गुब्बारा फट गया। इतने बड़े परिवार से आने वाला व्यक्ति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।”
संसद में आपा खो बैठे राहुल गांधी: बिट्टू
रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि संसद परिसर में राहुल गांधी ने अपना आपा खो दिया था। उन्होंने कहा कि जब वह संसद की ओर जा रहे थे, तब राहुल गांधी गुस्से में उनकी तरफ बढ़े। उनके एक हाथ को कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल और दूसरे हाथ को गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पकड़ा हुआ था। बिट्टू के मुताबिक, “वे इतने हिंसक हो गए थे कि क्या कहा जाए, समझ में नहीं आता। पता नहीं उन्हें क्या हो गया था।”
‘खुद को शहंशाह समझते हैं राहुल’
राहुल गांधी के व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए बिट्टू ने कहा कि गांधी हाथ मिलाने की पेशकश कर रहे थे, मानो वह खुद को “शहंशाह” समझ रहे हों। उन्होंने कहा, “राजनीति में हम विचारधारा की लड़ाई करते हैं, लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं करते। इस तरह की भाषा और व्यवहार लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।”
कांग्रेस छोड़ने पर भी दी सफाई
बिट्टू ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस को बीच में नहीं छोड़ा था। उनके अनुसार, उन्होंने कांग्रेस सांसद के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया और उसके बाद ही बीजेपी में शामिल हुए। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। राज्यसभा सदस्य होने के नाते, उन्हें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बजट सत्र के दौरान बुधवार को जब रवनीत सिंह बिट्टू संसद में प्रवेश कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी ने कथित तौर पर उन्हें “गद्दार” कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” कह दिया। उस वक्त राहुल गांधी निलंबित कांग्रेस सांसदों के समर्थन में संसद के बाहर सीढ़ियों पर खड़े थे, जिनमें से अधिकांश सांसद पंजाब से थे।
इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर और बाहर सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है। जहां एक ओर सत्ता पक्ष इसे कांग्रेस की हताशा बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी के और तेज होने के आसार हैं।














