बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले पटना स्थित उनके आवास पर करीब डेढ़ घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जहां पप्पू यादव ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर गिरफ्तारी से छूट की मांग की।
पटना के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी और कुर्की वारंट को तामील कराने के लिए पटना पुलिस रात करीब 10:30 बजे मंदिरी स्थित पप्पू यादव के आवास पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक आवास के बाहर जुट गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
स्वास्थ्य का हवाला देकर गिरफ्तारी टालने की कोशिश
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने दवाइयों की जरूरत बताते हुए हाउस अरेस्ट की मांग की और अपना मेडिकल रिपोर्ट सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह को दिखाई। हालांकि सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच कराई जाएगी।
आधी रात गिरफ्तारी, समर्थकों का हंगामा
करीब 1.30 घंटे चले तनावपूर्ण हालात के बाद रात 12 बजे पप्पू यादव ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस वाहन के सामने लेटकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भारी मशक्कत के बाद पुलिस उन्हें भीड़ से निकालकर अपने साथ ले गई।
आईजीएमएस के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पप्पू यादव को लेकर आईजीएमएस अस्पताल पहुंची, जहां रात करीब 12:45 बजे उनका मेडिकल कराया गया। एक्स-रे और ईसीजी समेत जरूरी जांच के बाद उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पप्पू यादव को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, जो एक नियमित कानूनी प्रक्रिया है।
क्या है 31 साल पुराना मामला
जिस मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई है, वह वर्ष 1995 का है। पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और किराया लेते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। यह मामला वर्षों से अदालत में लंबित है और कोर्ट द्वारा कई बार पेश होने के आदेश के बावजूद पप्पू यादव हाजिर नहीं हुए थे।














