राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में 97 मिनट तक लगातार बोलते हुए विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया। कांग्रेस और गांधी परिवार को केंद्र में रखते हुए उन्होंने नेहरू काल से लेकर वर्तमान तक की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाए। पीएम के भाषण के दौरान विपक्षी दलों ने हंगामा किया और अंततः वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी बात विपक्ष की अनुपस्थिति में पूरी की।
बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नहीं बोल पाए थे, लेकिन गुरुवार को राज्यसभा में उन्होंने विपक्ष के हर आरोप को “तथ्यों और उदाहरणों” के जरिए जवाब देने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के भाषण में नेहरू, इंदिरा गांधी, गांधी परिवार, घुसपैठ, अर्बन नक्सल, ऑपरेशन सिंदूर, शीशमहल, ट्रेड डील और ‘शाही परिवार’ जैसे शब्द बार-बार सुनाई दिए।
राहुल गांधी पर नाम लिए बिना निशाना
प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि आज सीमा सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब सेना के पास गोला-बारूद और जूतों तक की कमी हुआ करती थी। चीन के मुद्दे पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में उन्होंने पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के पुराने भाषणों का हवाला दिया।
‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा, “एक तरफ मोहब्बत की दुकान खोलने की बात होती है, दूसरी तरफ ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए जाते हैं। ये कैसी मोहब्बत है?”
संविधान को लेकर विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा नहीं हो पाना स्वयं राष्ट्रपति पद और संविधान का अपमान है।
सिर्फ कांग्रेस नहीं, कई दलों पर प्रहार
प्रधानमंत्री का भाषण सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार को घेरा, तमिलनाडु में डीएमके की नीतियों पर सवाल उठाए और केरल में लेफ्ट सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई हिंसा का जिक्र किया। असम में भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कांग्रेस पर पूर्वोत्तर की उपेक्षा का आरोप लगाया।
“कांग्रेस का स्वभाव है जनता का अपमान”
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के लिए देश की जनता हमेशा समस्या रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसानों के साथ विश्वासघात किया, असम और सिख समाज का अपमान किया और सत्ता को पारिवारिक जागीर समझा। गांधी उपनाम को लेकर भी उन्होंने तीखा कटाक्ष किया।
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/MelS1S0NF2
— Narendra Modi (@narendramodi) February 5, 2026
ट्रेड डील और विदेश नीति पर जवाब
अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हालिया ट्रेड डील पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत नीति के आधार पर फैसले कर रहा है, न कि दबाव में। उनके अनुसार, इन समझौतों से भारत पर वैश्विक भरोसा और मजबूत हुआ है और देश अब विश्व से प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राहुल गांधी का पलटवार
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सवालों से इतनी घबराहट क्यों? झूठ की शरण क्यों लेनी पड़ी?” उनका यह बयान पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवने की किताब में लिखी बातों से मेल खाता दिखा।
लोकसभा स्पीकर का खुलासा
इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ तब आया जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने खुलासा किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचकर अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री से लोकसभा में उपस्थित न होने का आग्रह किया, जिससे “अप्रिय दृश्य” टाला जा सका।
विपक्ष का इनकार
प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया। वहीं टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी स्पीकर के दावे से असहमति जताते हुए इसे ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।














