प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और राहुल गांधी तक को निशाने पर लिया। पीएम के इस आक्रामक रुख के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर पलटवार किया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री पर सच्चाई से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा,
“बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी जी सच्चाई से इतने डर गए कि झूठ की शरण ले ली। खैर, जो उन्हें उचित लगा, वही किया।”
राहुल ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुकी है।
खरगे का आरोप—विपक्ष को जानबूझकर चुप कराया जा रहा है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उत्तर देने आए थे और विपक्ष उन्हें सुनना चाहता था, लेकिन पिछले चार दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है।
खरगे ने कहा, “ऐसा लगता है कि सत्ता पक्ष ने तय कर लिया है कि लोकसभा और राज्यसभा—दोनों में ही नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाएगा।”
“किसानों के हितों की बलि दी गई”
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में देश के किसानों के हितों का बलिदान कर दिया गया है।
“जो ट्रंप कहते हैं, मोदी वही करते हैं। सरकार ने घुटने टेक दिए हैं,” —खरगे ने कहा।
उन्होंने बताया कि विपक्ष संसद में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, युवाओं के रोजगार और अंतरराष्ट्रीय बयानों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था।
“हम हंगामा नहीं कर रहे थे”
खरगे ने साफ किया कि विपक्ष ने सदन में कोई हंगामा नहीं किया।
“हम सभी विपक्षी दलों ने तय किया था कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाएगा, तो हम प्रधानमंत्री की बात जरूर सुनेंगे। लेकिन लगातार मांग के बावजूद राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया,” उन्होंने कहा।
महान नेताओं के अपमान का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद में देश के महान नेताओं—जिन्होंने आज़ादी के लिए संघर्ष किया—के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
“पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत की नींव रखी और इंदिरा गांधी ने देश में जागृति लाई। ऐसे नेताओं को सदन में अपशब्द कहे जाते हैं और सत्ता पक्ष चुपचाप बैठा रहता है,” —खरगे ने कहा।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी बात सुनी जाती, तो पूरा विवाद वहीं खत्म हो सकता था।
“मोदी सरकार हमारे नेताओं का अपमान करती है और विपक्ष को बोलने नहीं देती। इसी लोकतंत्र विरोधी रवैये के खिलाफ हमने सदन से वॉकआउट किया,” —खरगे ने स्पष्ट किया।














