बेंगलुरु, कर्नाटक — राजधानी बेंगलुरु से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नंदिनी लेआउट स्थित वीणा विद्या संस्थान में चौथी कक्षा के एक मासूम छात्र को होमवर्क न करने पर उसकी शिक्षिका ने बेरहमी से पीट दिया, जिससे बच्चे के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना 10 जनवरी की है, लेकिन शिक्षिका की धमकियों के चलते मामला अब जाकर उजागर हो पाया।
पीड़ित बच्चे की मां लक्ष्मी, जो महाराष्ट्र में काम करती हैं, अपने बेटे से मिलने हॉस्टल पहुंचीं तो उसके शरीर पर चोटों के निशान देखकर स्तब्ध रह गईं। पूछने पर बच्चा फूट-फूटकर रो पड़ा और बताया कि उसकी अंग्रेजी शिक्षिका एंग्लिन उसे लगातार मारती थी। बच्चे ने यह भी बताया कि शिक्षिका ने धमकी दी थी कि अगर उसने अपने माता-पिता को सच्चाई बताई तो वह उसका गला घोंट देगी, इसी डर से वह चुप रहा।
स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
घटना सामने आने के बाद लक्ष्मी ने तुरंत स्कूल की प्रिंसिपल से शिकायत की और पुलिस को भी बुलाया। उन्होंने आरोपी शिक्षिका को निलंबित करने की मांग की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी कारण बच्चा डर के चलते स्कूल जाना बंद कर चुका है।

जब लक्ष्मी यह मानकर अपने बेटे को दोबारा स्कूल छोड़ने गईं कि शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया होगा, तब उन्हें पता चला कि आरोपी शिक्षिका अब भी स्कूल में पढ़ा रही है। स्कूल प्रशासन के इस रवैये से नाराज होकर लक्ष्मी ने नंदिनी लेआउट पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई।
शिक्षिका पर गंभीर आरोप
मां का आरोप है कि शिक्षिका एंग्लिन पिछले दो महीनों से बच्चे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। FIR दर्ज होने के बावजूद तत्काल कार्रवाई न होने से आहत लक्ष्मी ने अब शिक्षा विभाग के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) से भी शिकायत करने का फैसला किया है।
यह मामला न सिर्फ स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे संस्थानों की लापरवाही पीड़ितों के दर्द को और बढ़ा देती है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।














