गाजीपुर – अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने बुधवार को यूजीसी रेगुलेशन, 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के युवा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह और युवा भाजपा नेता निमेश पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान राजकुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 15 जनवरी 2026 को अधिसूचित यह नियमावली गंभीर संवैधानिक और कानूनी सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि अधिसूचना के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों का गठन किया जाना है, जिन्हें शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है।
सिंह का आरोप है कि यह अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में निहित समानता के अधिकार के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि नियमावली में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग छात्रों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान न होने से दुरुपयोग की आशंका बढ़ती है। संगठन ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इस नियम के लागू होने से विश्वविद्यालय परिसरों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।
महासभा युवा ने सरकार से मांग की कि इस अधिसूचना को तत्काल वापस लिया जाए और सभी वर्गों के छात्रों के लिए निष्पक्ष, संतुलित और संविधानसम्मत नीति बनाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो विरोध जारी रहेगा।
इस मौके पर मंडल महासचिव भूपेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, अनिल सिंह, अमन सिंह, शेषनाथ सिंह, शिवम सिंह, हंसराज सिंह, विशाल सिंह, विनोद सिंह और रवि प्रताप सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।














