Saturday, January 31, 2026
Your Dream Technologies
HomeUttar Pradeshयुवराज मेहता मामले के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल — 2011 बैच के...

युवराज मेहता मामले के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल — 2011 बैच के IAS कृष्णा करुणेश बने नोएडा प्राधिकरण के नए CEO

नोएडा: नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन हुआ है: कृष्णा करुणेश को प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उस समय की गई है जब शहर में युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सेक्टर-150 में दर्दनाक मौत के बाद सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर तीखी संवेदनशीलता बनी हुई थी। इसी मामले पर उठे सवालों के बाद तत्कालीन CEO लोकेश एम को उनके पद से हटाया गया था और अब कृष्णा करुणेश ने जिम्मेदारी संभाली है।

घटनाक्रम — किस क्रम में बदलाव हुआ

सेक्टर-150 में युवराज मेहता की सड़क दुर्घटना और उनकी मृत्यु ने सार्वजनिक आक्रोश को जन्म दिया; शहर में सड़क सुरक्षा, रखरखाव और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठे। याचिकाओं/नागरिक प्रतिक्रिया के दबाव में और मामले की संवेदना के चलते प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की गई और तत्कालीन CEO लोकेश एम को पद से हटा दिया गया।उस स्थान पर अब अपर मुख्य कार्यपालक के रूप में कार्यरत कृष्णा करुणेश को नया CEO नियुक्त किया गया है — एक ऐसा बदलाव जिसे प्राधिकरण में नेतृत्व क्षमताओं और जवाबदेही की आवश्यकता के अनुरूप बताया जा रहा है।

कृष्णा करुणेश — प्रोफ़ाइल और कैरियर

कृष्णा करुणेश 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूलतः बिहार के निवासी बताए जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके कार्यकाल के प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

गोरखपुर में जिला मजिस्ट्रेट (DM) के रूप में तैनात रहे — 2022 में DM रहते हुए उन्होंने कार्यशैली और अनुशासन के लिए हटकर कदम उठाए।

कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, गाज़ियाबाद में SDM और CDO के रूप में भी कार्यभार संभाला।

हापुड़ और बलरामपुर में भी वे जिलाधिकारी रहे।

प्रशासनिक कार्रवाई में सख्त रवैये के लिए जाना जाता है — उदाहरण के तौर पर गोरखपुर में उनकी तैनाती के दौरान 9 लेखपालों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।

शैक्षिक योग्यता: MA के साथ LLB डिग्री मौजूद है।
इन अनुभवों और बायो-डाटा के कारण उन्हें ऐसे समय में प्राधिकरण की कमान सौंपी जा रही है जब जवाबदेही और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज है।

उनके आने से क्या बदल सकता है — संभावित उम्मीदें

तेज-तर्रार प्रशासनिक कार्रवाई: उनके पूर्व रिकॉर्ड के कारण यह अपेक्षा की जा रही है कि वे व्यवस्थित ऑडिट, निरीक्षण और दोषियों के प्रति सख्त कदम उठाएंगे।

सड़क सुरक्षा पर फोकस: युवराज के मामले ने शहर में सड़क सुरक्षा की बुनियादी कमजोरियों को उजागर किया — नए नेतृत्व से तात्कालिक रूप से रोड ऑडिट, साइ닝/लाइटिंग की समीक्षा और हाई-रिस्क ज़ोन पर निगरानी बढ़ाने की अपेक्षा है।

पारदर्शिता व सार्वजनिक संवाद: इस तरह के संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता की माँग बढ़ती है — प्राधिकरण से उम्मीद रहेगी कि भविष्य में जांच की प्रगति और नीतिगत सुधार सार्वजनिक रूप से साझा किए जाएँ।

प्रशासनिक व सामाजिक प्रतिक्रिया

युवराज की मौत के बाद शहरवासियों, सिविल सोसाइटी और कुछ राजनीतिक हलकों ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं और घटना की निष्पक्ष जांच की माँग की है। दुर्घटना-संबंधी मामलों में पारिवारिक पीड़ा और सार्वजनिक भरोसे के बीच संतुलन बहाल करने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। नए CEO की नियुक्ति को कुछ हिस्सों में समस्या के तात्कालिक समाधान की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जबकि अन्य हिस्से इसे एक शुरुआती कदम ही मान रहे हैं — व्यापक सुधार और जवाबदेही तभी मानी जाएगी जब ठोस जांच रिपोर्ट और प्रत्याशित नीतिगत बदलाव सार्वजनिक हों।

आगे की जांच और आवश्यक कदम (समर्थित सुझाव)

तुरंत सड़क सुरक्षा ऑडिट: सेक्टर-150 और आसपास के हाई-रिस्क लोकेशनों का त्वरित सर्वेक्षण और आवश्यक सुधार।

तहकीकात की निष्पक्ष रिपोर्ट: दुर्घटना से संबंधित तकनीकी, प्रशासनिक और संरचनात्मक कारणों की खुली जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करना।

जवाबदेही की स्पष्ट प्रक्रिया: यदि प्रशासनिक लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के प्रति नियमबद्ध कार्रवाई व सुधारात्मक उपाय निश्चित करना।

जन-संपर्क और राहत: मृतक परिवार के साथ संवाद, तत्काल राहत और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए पारदर्शी मापदंड।

युवराज मेहता की मौत ने नोएडा में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए थे। ऐसे समय में कृष्णा करुणेश की नियुक्ति को प्रशासनिक नीतियों में त्वरित सुधार और कठोर निगरानी की दिशा में एक मौका माना जा रहा है। पर अंतिम आंकलन तब होगा जब प्राधिकरण नेतृत्व के अधीन जांच-रिपोर्ट, पारदर्शी कार्रवाई और ठोस सड़क सुरक्षा सुधार दिखाई देंगे — तभी शहर का भरोसा लौटेगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button