यह रहा बेहतर, विस्तृत और प्रभावशाली समाचार लेख, एक मजबूत हेडलाइन के साथ:देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विमानन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जांच में इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन, क्रू मैनेजमेंट और सॉफ्टवेयर सिस्टम में गंभीर खामियां पाई गई हैं। DGCA ने इसे उड्डयन सुरक्षा और क्रू वेलफेयर के लिए गंभीर जोखिम करार देते हुए शीर्ष स्तर पर सख्त कार्रवाई की है।
DGCA की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो में ऑपरेशन का जरूरत से ज्यादा ऑप्टिमाइजेशन किया गया, जिसके चलते न तो क्रू और न ही विमानों के लिए पर्याप्त बैकअप व्यवस्था रखी गई। जांच में यह भी पाया गया कि नई FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमावली को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे सुरक्षा मानकों से समझौता हुआ।
क्रू पर अत्यधिक दबाव, आराम और रिकवरी समय में कटौती
जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि एयरलाइन द्वारा क्रू पर लगातार अधिकतम ड्यूटी घंटे पूरे करने का दबाव डाला गया।
DGCA ने अपनी रिपोर्ट में डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लंबी और लगातार ड्यूटी जैसी प्रथाओं का उल्लेख किया है। इतना ही नहीं, क्रू को पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय भी नहीं दिया गया, जिससे थकान (Fatigue) बढ़ने और उड़ान सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि क्रू शेड्यूलिंग और ऑपरेशन को संभालने वाले सॉफ्टवेयर और मैनेजमेंट सिस्टम में गंभीर कमियां थीं, जिनके कारण नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पाया।
शीर्ष प्रबंधन पर गिरी गाज
DGCA ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इंडिगो के CEO को औपचारिक चेतावनी जारी की है।
वहीं, COO (Accountable Manager) को भी वार्निंग दी गई है।
सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए DGCA ने SVP (OCC – Operations Control Center) को तत्काल प्रभाव से ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, फ्लाइट ऑपरेशन और क्रू प्लानिंग से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी जारी की गई है और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न होने की सख्त हिदायत दी गई है।
DGCA का सख्त संदेश— सुरक्षा से समझौता नहीं
DGCA ने साफ शब्दों में कहा है कि यात्री सुरक्षा और क्रू वेलफेयर से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आगे भी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती हैं, तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए एक कड़ा संदेश है कि मुनाफे और ऑप्टिमाइजेशन के नाम पर सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।














