दिल्ली में तीसरे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा यमुना के बाढ़ क्षेत्र में स्थित बांसेरा (सराय काले खान के पास) आयोजित यह रंगारंग महोत्सव 16 से 18 जनवरी तक चलेगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में देश और विदेश से आए 28 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने DDA के तीसरे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया।
त्योहार भारत को जोड़ने का माध्यम हैं: अमित शाह
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने देशवासियों, विशेषकर किसानों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तरायण पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है और यह पर्व सूर्यनारायण से जुड़ी ऊर्जा, जीवन और उल्लास का प्रतीक है।
महाकवि कालिदास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा—“उत्सवप्रियाः खलु मनुष्याः”
अर्थात भारतवासी उत्सवप्रिय होते हैं और उत्सवों के माध्यम से समाज को एकजुट कर आगे बढ़ते हैं। उत्तरायण उसी भावना का जीवंत उदाहरण है।
पतंगोत्सव को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान देने की जरूरत
गृह मंत्री ने कहा कि पतंगोत्सव को निरंतर प्रयासों से और अधिक लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि:
- दिल्ली के पतंगोत्सव को राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाए
- इसे देश-दुनिया के प्रमुख पतंग महोत्सवों में शामिल किया जाए
- एक समिति गठित की जाए, जो जनभागीदारी और अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने पर काम करे
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह उत्सव पूरे देश को दिल्ली से जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु बन सकता है।
बांसेरा बना दिल्ली का नया आकर्षण
अमित शाह ने बांसेरा उद्यान की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के बांस से बना यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि यह उद्यान इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प से असाधारण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से यहां और अधिक सांस्कृतिक व सार्वजनिक आयोजनों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘Simon Go Back’ और आज़ादी की पतंगें
गृह मंत्री ने बताया कि आयोजन स्थल पर बने तीन पवेलियनों में पतंगों का इतिहास और युद्धकालीन उपयोग भी दर्शाया गया है।
उन्होंने आज़ादी के आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि साइमन कमीशन के विरोध में ‘Simon Go Back’ लिखी पतंगें उड़ाई गई थीं, जिसने अंग्रेज़ों को भारत की जनशक्ति और एकता का संदेश दिया था।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) January 16, 2026
एक भारत, श्रेष्ठ भारत का जीवंत उदाहरण
अमित शाह ने कहा कि मकर संक्रांति और उत्तरायण का पर्व आज ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रत्यक्ष उदाहरण बन चुका है।
उन्होंने कहा कि यह पतंग महोत्सव देश के विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों को दिल्ली से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उल्लेख
अपने संबोधन में अमित शाह ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर को भले ही 16 बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार उसे और अधिक भव्य रूप में पुनर्निर्मित किया गया। यह भारत की अडिग, अमर और अटल संस्कृति का प्रतीक है।
भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर: सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह महोत्सव भारतीय संस्कृति से जुड़ने का एक अनूठा अवसर है।
उन्होंने कहा कि गली-छतों पर पतंग उड़ाने का अनुभव हर बच्चे ने लिया है और यही भावनात्मक जुड़ाव यह महोत्सव फिर से जीवंत कर रहा है।
वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि पतंगबाजी सदियों पुरानी कला है, जो हमारी परंपरा और रचनात्मकता को दर्शाती है।
तीसरा इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास, एकता और उत्सवधर्मिता का उत्सव है। बांसेरा में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें दिल्ली को न सिर्फ देश, बल्कि दुनिया के सांस्कृतिक मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर हैं।














