गाजीपुर – मुहम्मदाबाद इलाके में शनिवार को निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों ने कलवट (अंडरपास/पुलिया) की मांग को लेकर धरना दिया। गाजीपुर से मांझीघाट जाने वाले इस एक्सप्रेसवे के चेनज 32.7 किलोमीटर, ऊंचाडीह सहित करीब 25 गांवों के लोग धरने पर बैठे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुरानी पीडब्ल्यूडी सड़क बंद होने से बढ़ी परेशानी
यह धरना करीमुद्दीनपुर को पातेपुर से जोड़ने वाली पुरानी पीडब्ल्यूडी सड़क के बंद होने के कारण हुआ। इस सड़क का इस्तेमाल लगभग 25 गांवों के लोग करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन, गाजीपुर-बलिया मार्ग और करीमुद्दीनपुर बाजार आने-जाने के लिए करते थे। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान इस सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
गलत दिशा में चलने को मजबूर ग्रामीण
सड़क बंद होने के बाद ग्रामीणों को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पार करने के लिए करीब 200 मीटर सर्विस रोड पर गलत दिशा में चलना पड़ता है। इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खतरे से बचने के लिए कलवट का निर्माण बेहद जरूरी है।
पहले भी दिया गया था धरना, नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि बीते सितंबर महीने में भी इसी मांग को लेकर धरना दिया गया था, लेकिन उस समय केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। एक सप्ताह पूर्व उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी को ज्ञापन भी सौंपा गया था, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, जांच का आश्वासन
धरने की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी और क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर धरना समाप्त कराया। उपजिलाधिकारी ने कहा कि प्रोजेक्ट में इस पहलू की अनदेखी कैसे हुई, यह जांच का विषय है और समस्या का समाधान कराया जाएगा। लगभग पांच घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल
धरने में रामदहीन पासवान, सत्यनारायण राय, जनार्दन राय, कृष्णानंद राय, श्यामराज तिवारी, वशिष्ठ राजभर, अक्षयलाल पासवान, मुन्नू गुप्ता, राजेश सिंह, सुभाष पासवान, राजदेव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह देवा, टुनटुन सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।














