रक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति के आगामी दौरे ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा है। समिति 17 जनवरी से 22 जनवरी के बीच कोच्चि, बेंगलुरु, भुवनेश्वर और वाराणसी का दौरा करेगी। इस आधिकारिक यात्रा का उद्देश्य रक्षा मंत्रालय के कामकाज और उससे जुड़े रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डिफेंस पीएसयूज़) की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करना है।
रक्षा पीएसयूज़ और मंत्रालय के कामकाज की होगी समीक्षा
दौरे के दौरान समिति विभिन्न रक्षा संस्थानों, उत्पादन इकाइयों और परियोजनाओं का निरीक्षण करेगी। साथ ही रक्षा मंत्रालय और डिफेंस पीएसयूज़ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कर नीतियों, प्रगति और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
वाराणसी के बाद अयोध्या ले जाने का प्रस्ताव
इस दौरे की सबसे खास और चर्चित बात यह है कि वाराणसी में 22 जनवरी को समिति का आधिकारिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, 23 जनवरी को सदस्यों को अयोध्या ले जाकर रामलला के दर्शन कराने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर अभी समिति में सहमति नहीं बन पाई है। विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर अपनी रजामंदी नहीं दी है, जिसके चलते अंतिम फैसला लंबित है।
राहुल गांधी भी हैं समिति के सदस्य
गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी रक्षा मंत्रालय की इस संसदीय स्थायी समिति के सदस्य हैं। समिति की अध्यक्षता बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह कर रहे हैं। ऐसे में अयोध्या यात्रा के प्रस्ताव को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
कुछ सदस्यों ने अनुपस्थिति की अनुमति मांगी
सूत्रों के मुताबिक, समिति के कुछ सदस्यों ने विभिन्न राज्यों में जारी SIR प्रक्रिया से जुड़ी जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए पूरे दौरे के दौरान अनुपस्थित रहने की अनुमति समिति के चेयरमैन से मांगी है।
दिग्गज नेताओं से सजी है समिति
इस संसदीय समिति में कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें राजीव भारद्वाज, कार्ति पी. चिदंबरम, रंजीत दत्ता, कैप्टन विरियातो फर्नांडीस, मोहम्मद हनीफा, एस. जगतरक्षक्कन, एस. ज्योतिमणि, रवि किशन, शशांक मणि, महुआ मोइत्रा, लुम्बा राम, बिष्णु पद रे, जगन्नाथ सरकार, जगदीश शेट्टर, वीरेंद्र सिंह, केसिनेनी शिवनाथ, थिरुमावलवन थोल्काप्पियन, सेल्वराज वी., रिचर्ड वानलालह्मंगाइहा, नरेश बंसल, दामोदर राव दिवाकोंडा, शक्ति सिंह गोहिल, प्रेम चंद गुप्ता, कमल हासन, मुज़िबुल्ला खान, अशोक कुमार मित्तल, उज्ज्वल निकम, धैर्यशील मोहन पाटिल और सुधांशु त्रिवेदी जैसे नाम शामिल हैं।
सियासत और समीक्षा का संगम
कुल मिलाकर रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति का यह दौरा जहां एक ओर रक्षा क्षेत्र की नीतियों और पीएसयूज़ की समीक्षा के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है, वहीं अयोध्या यात्रा के प्रस्ताव के कारण यह राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय भी बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समिति इस प्रस्ताव पर क्या अंतिम निर्णय लेती है।














