Friday, January 16, 2026
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विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक दांव, पांच राज्यों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत पांच राज्यों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। इन राज्यों में मार्च–अप्रैल के दौरान विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले कांग्रेस ने संगठन को मजबूती देने के लिए अनुभवी और बड़े नेताओं पर भरोसा जताया है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जमीनी अनुभव और संगठनात्मक पकड़ वाले नेताओं को जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी चुनावी रणनीति को और धारदार बना सकती है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की कमान सौंपी गई है।

असम की कमान बघेल–शिवकुमार को

असम में कांग्रेस ने दो बड़े चेहरों को जिम्मेदारी दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम का पर्यवेक्षक बनाया गया है। इनके साथ बंधु तिर्की को भी जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इन नेताओं का संगठनात्मक अनुभव और चुनावी रणनीति असम में कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकती है।

केरल में सचिन पायलट पर भरोसा

केरल की जिम्मेदारी युवा और प्रभावशाली नेता सचिन पायलट को सौंपी गई है। उनके साथ केजे जॉर्ज, इमरान प्रतापगढ़ी और कन्हैया कुमार को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है। कांग्रेस के लिए केरल एक अहम राज्य माना जाता है और यहां पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।

तमिलनाडु–पुडुचेरी में मुकुल वासनिक को जिम्मेदारी

तमिलनाडु और पुडुचेरी की कमान वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक को दी गई है। उनके साथ उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को भी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस क्षेत्र में कांग्रेस का फोकस सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल और संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।

पश्चिम बंगाल में अनुभवी नेताओं की तैनाती

पश्चिम बंगाल के लिए कांग्रेस ने सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को पर्यवेक्षक बनाया है। बंगाल में कांग्रेस के सामने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों से चुनौती है, ऐसे में पार्टी अनुभवी नेताओं के जरिए रणनीति को मजबूत करना चाहती है।

पुराने नेताओं पर भरोसा, संगठन मजबूत करने की कोशिश

इन नियुक्तियों से साफ है कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस बार चुनावी राज्यों में पुराने और अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है। पार्टी का लक्ष्य है कि समय रहते संगठन को सक्रिय किया जाए, गुटबाजी को नियंत्रित किया जाए और चुनावी मुद्दों को लेकर स्पष्ट रणनीति बनाई जाए।

कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर यह संकेत दे दिया है कि पार्टी इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती और हर राज्य में पूरी ताकत के साथ चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है।

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VIKAS TRIPATHI
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VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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