संसद के आगामी बजट सत्र को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। बुधवार को संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCPA) की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में संसद के बजट सत्र की तारीखों को लेकर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस बार भी बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। सत्र की औपचारिक शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार अपनी नीतियों, प्राथमिकताओं और आगामी एजेंडे को संसद के दोनों सदनों के सामने रखेगी।
1 फरवरी को पेश होगा बजट, बनेगा नया रिकॉर्ड
बजट सत्र के दौरान सबसे अहम दिन 1 फरवरी 2026 होगा, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। खास बात यह है कि यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा, जो संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ अवसर होगा। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार 9वां बजट पेश कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम करेंगी।
पहले चरण में बजट पर सामान्य चर्चा होगी और विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों पर सदन में बहस देखने को मिलेगी। विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों, महंगाई, रोजगार और विकास दर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है।
दूसरे चरण में पास होंगे अहम विधेयक
बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान सरकार अनुदान मांगों पर चर्चा कराएगी और वित्त विधेयक को संसद से पारित कराया जाएगा। यही वह चरण होता है, जिसमें बजट को कानूनी रूप दिया जाता है और सरकार को खर्च करने की औपचारिक अनुमति मिलती है।
राजनीतिक रूप से अहम रहेगा सत्र
यह बजट सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां सरकार अपने आर्थिक रोडमैप को मजबूती से रखने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर आक्रामक रुख अपना सकता है। खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं और चुनावी रणनीति का संकेत भी देगा।
कुल मिलाकर, दो चरणों में होने वाला यह बजट सत्र न केवल आर्थिक फैसलों के लिहाज से अहम होगा, बल्कि संसद के भीतर तीखी राजनीतिक बहसों का भी गवाह बनने वाला है।














