देशभर में, खासकर सर्दियों के मौसम में, वायु प्रदूषण लोगों के लिए गंभीर समस्या बन जाता है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जहां ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर खतरनाक हद तक पहुंच जाता है। इसी को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने देशभर में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में मेनका गांधी ने कहा कि दिवाली के बाद प्रदूषण में तेज़ बढ़ोतरी होती है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पटाखे फोड़ना है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
“पटाखे फोड़ने वाले एंटी-नेशनल हैं” — मेनका गांधी
मेनका गांधी ने कहा,
“अगर सिर्फ़ दो रातों में 800 करोड़ रुपये के पटाखे फोड़े जाएंगे, तो हवा का क्या होगा? पूरे देश में पटाखों पर बैन लगना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जो लोग पटाखे फोड़ते हैं, वे सिर्फ पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि आम लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को “एंटी-नेशनल” कहा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से सब कुछ उम्मीद करने के बजाय, जनता को खुद आगे आकर प्रदूषण के खिलाफ एक आंदोलन शुरू करना चाहिए।
“रोज़गार के नाम पर गौ-तस्करी स्वीकार्य नहीं”
गौ-तस्करी के मुद्दे पर बोलते हुए मेनका गांधी ने कहा कि ओडिशा और बिहार से लाखों गायों की तस्करी कर आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसे रोकना हम सबकी ज़िम्मेदारी है और एक भी गाय को बूचड़खाने में नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब बीजेपी सत्ता में आई थी, तब उन्हें उम्मीद थी कि बीफ़ एक्सपोर्ट पर पूरी तरह रोक लगेगी, क्योंकि यह पार्टी के घोषणापत्र में शामिल था। लेकिन, दुर्भाग्यवश अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ रोज़गार के नाम पर इस तरह की गतिविधियों को सही नहीं ठहराया जा सकता।














