दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को एक बार फिर सख्ती से लागू करते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर जनता से सीधे जुड़े राजस्व विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई की गई है। कापसहेड़ा के सब-रजिस्ट्रार और महरौली के तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और आम जनता को परेशान करने से जुड़ी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की प्राथमिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने के बाद सरकार ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाने का फैसला लिया। दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
डीड राइटर पर भी गिरी गाज
मुख्यमंत्री के आदेश पर कापसहेड़ा में पदस्थ एक डीड राइटर का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। आरोप है कि संबंधित डीड राइटर आम नागरिकों से अवैध वसूली और रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनियमितताओं में शामिल था। सरकार का मानना है कि जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार आम लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं’
इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि दिल्ली सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है—भ्रष्टाचार के प्रति किसी भी स्तर पर कोई सहनशीलता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग जैसे संवेदनशील विभागों में तैनात अधिकारी सीधे जनता के कार्यों से जुड़े होते हैं और उनसे ईमानदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “यदि कोई अधिकारी लापरवाही करता है या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसे सेवा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
‘जनता ने समाधान के लिए चुना है’
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि जनता ने सरकार को इसलिए चुना है ताकि उनके काम बिना रिश्वत, देरी और परेशानी के हों। सरकार की प्राथमिकता है कि आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके काम समय पर पूरे हों। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या व्यवस्था जनता के कामों में बाधा बनेगी, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ एक उदाहरण है। भविष्य में भी अगर किसी विभाग या अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आती है, तो सरकार बिना किसी दबाव, सिफारिश या भेदभाव के सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार में वही अधिकारी काम करेंगे जो ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संदेश साफ है कि दिल्ली सरकार अब शिकायतों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सीधे कार्रवाई करेगी।














