गाजीपुर। गहमर थाना क्षेत्र के खेलूराय पट्टी में हुए दोहरे हत्याकांड और एक युवक के लापता होने के मामले में पुलिस आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की तैयारी कर रही है। सभी नामजद आरोपियों का आपराधिक ब्योरा जुटाया जा रहा है। वहीं, पुलिस की चार टीमें गाजीपुर के साथ ही आसपास के जिलों और बिहार में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पूरे मामले की निगरानी स्वयं एसपी डॉ. ईरज राजा कर रहे हैं।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि खेलूराय पट्टी में जघन्य वारदात हुई है। पीड़ित परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में छह लोगों पर साजिश का आरोप है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। इनपुट के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के लिए गठित चारों टीमें आसपास के जिलों और बिहार में दबिश दे रही हैं। प्रत्येक आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
एसपी ने यह भी कहा कि सितंबर में दर्ज प्राथमिकी में यदि सख्त कार्रवाई की गई होती तो यह वीभत्स घटना नहीं होती। लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कोतवाल को लाइन हाजिर किया गया है।
उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि खेलूराय पट्टी में तीन युवक गाली-गलौज कर रहे हैं। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद ग्रामीणों को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह दी। कुछ देर बाद तीनों युवक दोबारा वहां पहुंचे, जिसके बाद झगड़ा हुआ और दो युवकों की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्याकांड में दोनों गुटों के 20 से 25 वर्ष आयु के युवक शामिल हैं। इनके बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय से अदावत चली आ रही थी। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि हत्याकांड से जुड़े हर बिंदु का खुलासा किया जा सके।














