भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि दो पक्षों के बीच किसी भी तरह के विवाद का सबसे बेहतर, किफायती और टिकाऊ समाधान मध्यस्थता (मीडिएशन) है। उन्होंने कहा कि मीडिएशन ऐसा तरीका है जिसमें किसी पर कोई फैसला थोपा नहीं जाता, बल्कि समाधान वही होता है जो दोनों पक्ष स्वयं चाहते हैं।
CJI सूर्यकांत ने यह बात गोवा के पणजी में आयोजित ‘मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम’ के दौरान कही। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मध्यस्थता से न केवल समय और खर्च की बचत होती है, बल्कि इससे दोनों पक्ष संतुष्ट रहते हैं — न कोई विजेता, न कोई पराजित।
मीडिएशन में जबरदस्ती नहीं होती: CJI
मुख्य न्यायाधीश ने कहा,
“मीडिएशन में कोई भी मीडिएटर किसी पक्ष पर कुछ भी नहीं थोपता। समाधान वही होता है, जो दोनों पक्ष चाहते हैं।”
उन्होंने मीडिएशन को न्याय प्रणाली का एक मानवीय और व्यावहारिक विकल्प बताया।
‘मीडिएशन फॉर नेशन’ पहल
CJI सूर्यकांत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ‘मीडिएशन फॉर नेशन’ पहल की शुरुआत की है, ताकि सभी स्टेकहोल्डर्स — आम नागरिकों से लेकर बार और बेंच तक — को यह संदेश दिया जा सके कि मीडिएशन एक प्रभावी और भरोसेमंद समाधान है।
उन्होंने कहा कि जब लोग इसके बारे में जागरूक होते हैं, तो उन्हें समझ आता है कि मीडिएशन से बेहतर और सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं, और यह कई मामलों में सफल भी साबित हुआ है।
#WATCH | Panjim, Goa: On the importance of mediation in reducing the pendency of cases, Chief Justice of India (CJI) Surya Kant says, “..The mediation is a quick mode of disposal and very cost-effective. In commercial litigation, matrimonial litigation, motor accident claim… pic.twitter.com/0rhx0n6Zut
— ANI (@ANI) December 26, 2025
अदालतों को मीडिएशन योग्य मामलों की पहचान पर ज़ोर
CJI ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और जिला अदालतों को ऐसे मामलों की पहचान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिन्हें मीडिएशन के लिए भेजा जा सकता है। उन्होंने मीडिएशन को एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया, जो पुराने और नए दोनों तरह के मामलों में लागू होगी, यहां तक कि मुकदमे से पहले के चरण में भी।
आज दक्षिण गोवा में कॉन्फ्रेंस में लेंगे हिस्सा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शुक्रवार को दक्षिण गोवा के सांकवाले गांव में इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा आयोजित
‘मध्यस्थता: आज के समय में इसकी प्रासंगिकता’ विषय पर एक कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लेंगे।
इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के कई जज, देशभर से आए वकील और लॉ के छात्र शामिल हो रहे हैं।














