बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से चर्चा में रहे ठाकरे बंधु एक बार फिर साथ आ गए हैं। 24 दिसंबर को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन की घोषणा की। इस मौके पर दोनों दलों के प्रमुखों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर गठबंधन को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट की।
राज ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन लंबे समय से बहुप्रतीक्षित था और इसकी नींव उनके एक साक्षात्कार में कहे गए उस वाक्य से पड़ी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “हर विवाद और झगड़े से बड़ा हमारा महाराष्ट्र और मराठी मानुष है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई भावनात्मक बयान भर नहीं था, बल्कि मराठी अस्मिता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसी भावना के आधार पर दोनों दल एक साथ आए हैं।
गठबंधन की औपचारिक घोषणा हो चुकी है, जबकि सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर निर्णय जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। राज ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन सीटों की संख्या या क्षेत्र के लिए नहीं है, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ है जो आज मुंबई और उसके आसपास, और आने वाले समय में पूरे राज्य में मराठी मानुष के अस्तित्व को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं।
मुंबई का महापौर मराठी ही होगा
राज ठाकरे ने ऐलान किया कि आगामी बीएमसी चुनाव के बाद मुंबई का महापौर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना का होगा और वह निर्विवाद रूप से मराठी होगा। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज अखबारों और समाचार चैनलों में काम करने वाले अधिकांश संपादक, पत्रकार और कर्मचारी मराठी भाषा और मराठी मानुष से गहराई से जुड़े हुए हैं और उनके खिलाफ हो रही साजिशों को स्वीकार नहीं करते।
आज २४ डिसेंबर २०२५ रोजी, मुंबईत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना आणि शिवसेना, या दोन पक्षांची आगामी महापालिका निवडणुकांसाठीची युती घोषित झाली. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष म्हणून मी आणि शिवसेना पक्षप्रमुख म्हणून श्री. उद्धव ठाकरे अशी आम्ही दोघांनी या युतीची अधिकृत घोषणा संयुक्त… pic.twitter.com/MAaGss4xWR
— Raj Thackeray (@RajThackeray) December 24, 2025
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी नाराजगी को पत्रकारिता के माध्यम से व्यक्त करते हैं, जबकि कुछ निजी तौर पर अपनी असहमति जाहिर करते हैं।
“जो सही लगे, वही लिखें और बोलें” – राज ठाकरे
राज ठाकरे ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि इस बार अपने मालिकों या उनके विचारों से ज्यादा अपनी अंतरात्मा और विवेक की आवाज को महत्व दें। जो सही लगे, वही लिखें और बोलें। उन्होंने कहा कि यह दो राजनीतिक दलों की लड़ाई नहीं, बल्कि मराठी मानुष की लड़ाई है।
उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह उस समय मीडिया मराठी मानुष के साथ खड़ा था, उसी तरह आज भी खड़ा रहना जरूरी है। क्योंकि अगर मराठी भाषा और मराठी मानुष बचेगा, तभी मीडिया का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा।
राज ठाकरे ने भरोसा जताया कि चुनावी सभाओं के दौरान मराठी भाइयों-बहनों से सीधा संवाद करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू हो चुकी है, जो 30 दिसंबर तक चलेगी। मतदान 15 जनवरी 2026 को होगा। मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 सीटें हैं।














