प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम पर दिया गया जोर
गाजीपुर। सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी के निर्देश पर विकास भवन सभागार में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने की।
सुशासन का अर्थ पारदर्शी और उत्तरदायी शासन
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के अवसर पर वर्तमान सरकार द्वारा सुशासन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन का अर्थ पारदर्शी, उत्तरदायी और न्यायसंगत शासन है। सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण भी सुशासन
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना भी सुशासन का अहम हिस्सा है। तहसील दिवस, जनता दर्शन, थाना दिवस, आईजीआरएस पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना भी सुशासन है। सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा और लगन से कार्य करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण विकास सरकार की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास के लिए योजनाओं को जमीनी स्तर पर लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए। नवीनतम तकनीकी साधनों के माध्यम से पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह तरीके से योजनाओं को क्रियान्वित करना जरूरी है। ग्रामीण और उपेक्षित क्षेत्रों का विकास शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटा जा सके।
जिम्मेदारी से दायित्व निर्वहन का आह्वान
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सुशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों के साथ अच्छा व्यवहार, सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन और आमजन की शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना है।
19 से 25 दिसंबर तक मनाया जा रहा सुशासन सप्ताह
कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज ने कहा कि शासन की योजनाओं को पारदर्शी ढंग से जनसामान्य तक पहुंचाना और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना ही सुशासन है। उन्होंने बताया कि सुशासन सप्ताह 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा चौपाल और कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे














