कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने का आह्वान
गाजीपुर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व० चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर किसान सम्मान दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, पी०जी० कॉलेज गोराबाजार में किया गया। कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि अब खेती किसानी पहले जैसी नहीं रह गई है। समय के साथ कृषि में बदलाव आया है और अब इसे व्यवसाय के रूप में अपनाकर किसानों को अधिकतम लाभ कमाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
जोखिम लेने से ही संभव है प्रगति
जिलाधिकारी ने अपनी पूर्व तैनातियों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई किसान आज भी परंपरागत धान और गेहूं की खेती तक सीमित हैं, जिसका मुख्य कारण जोखिम लेने की कम क्षमता है। उन्होंने छोटे जोत वाले किसानों से कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़ने का आह्वान किया, जिससे उन्हें एक सशक्त प्लेटफॉर्म, बाजार और सुविधाएं मिल सकें।
बाजार की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन में सफल होने के बावजूद केवल इसलिए पीछे रह जाता है क्योंकि उसके पास उपयुक्त बाजार नहीं होता। उत्पादन आसान है, लेकिन बिक्री के लिए बाजार की सुलभता और गारंटी आज सबसे अहम विषय है। इस दिशा में अधिकारियों और एफपीओ को मिलकर समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए।
प्रगतिशील किसानों से मिली प्रेरणा
मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल ने प्रगतिशील किसानों के स्टालों का भ्रमण कर उनकी सफलता की कहानियों को सराहा। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि कृषि विकास के क्षेत्र में जनपद में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
अनुकरण से होगा व्यापक लाभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सपना सिंह ने सम्मानित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि इनके कार्यों से प्रेरणा लेकर अन्य किसान भी नवाचार की ओर अग्रसर होंगे।
43 किसानों को किया गया सम्मानित
किसान सम्मान समारोह में कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं दुग्ध विकास के क्षेत्र में सर्वोच्च उत्पादकता प्राप्त करने वाले 36 किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त एफपीओ में सर्वाधिक टर्नओवर, औषधीय खेती, श्री अन्न उत्पादों की ब्रांडिंग, महिला कृषि उद्यमिता, प्राकृतिक खेती, कीवी एवं केले की उन्नत खेती जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 7 अन्य किसानों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
किसान मेले में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन
इस अवसर पर आयोजित किसान मेले एवं प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, बैंकों, कंपनियों और कृषक उत्पादक संगठनों के तीन दर्जन से अधिक स्टाल लगाए गए। मेले में बेलर मशीन से पराली की बेल बनाने का यंत्र, ड्रोन, गार्डन पावर टीलर, औषधीय उत्पाद, श्री अन्न से बने रेडी-टू-ईट उत्पाद तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े स्टाल आकर्षण का केंद्र रहे।
ठंड के बावजूद उमड़ा किसानों का उत्साह
खराब मौसम और भीषण ठंड के बावजूद लगभग 1200 किसानों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर किसान सम्मान दिवस को सफल बनाया।














