नोएडा, सेक्टर-73 (सर्फाबाद) — फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन द्वारा सेक्टर-73, सर्फाबाद में महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन संस्था के प्रतिनिधि चरण सिंह यादव के नेतृत्व में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके शारीरिक स्वास्थ्य, दैनिक जीवन में आने वाली सामान्य परेशानियों और उनके प्रभावी समाधान के बारे में जागरूक करना था।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से मुफ्त परामर्श एवं जांच कराई। शिविर के दौरान कमर दर्द, घुटनों व गर्दन के दर्द, जोड़ों की समस्याएँ, मांसपेशियों की कमजोरी और रोज़मर्रा के कार्यों में आने वाली कठिनाइयों जैसी समस्याओं की विस्तृत जांच और उपयुक्त उपचार प्रदान किए गए। उपस्थित विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत अनुकूल व्यायाम, सुधारात्मक मुद्रा और व्यवहारिक सलाह देकर मरीजों को घरेलू स्तर पर किए जाने वाले अभ्यास भी सिखाए।
मुख्य रूप से उपस्थित टीम में डॉ. महिपाल सिंह (पीटी), डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव (ओटी), डॉ. भावना आनंद (पीटी) और डॉ. सुष्मिता भाटी (पीटी) शामिल थे, जिन्होंने प्रत्येक मरीज का निरीक्षण कर सलाह तथा आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया। डॉक्टरों ने समय पर इलाज, नियमित व्यायाम और सही शारीरिक मुद्रा बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया।
शिविर के आयोजन व व्यवस्थापन में फाउंडेशन के नैतिक ओझा, अभिनव सिंह और दीपक यादव की सक्रिय भूमिका रही। फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने बताया कि उनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। फाउंडेशन ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार के और भी स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने फाउंडेशन की पहल की सराहना की और इसे सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट प्रयास बताया। शिविर में लाभान्वित महिलाओं ने कहा कि उन्हें व्यावहारिक सलाह और घरेलू व्यायाम की जानकारी मिलने से उनकी रोज़मर्रा की समस्याओं में तुरंत लाभ दिखाई दिया।
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने समुदाय से आग्रह किया कि वे इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को टालने के बजाय समय रहते जांच करवाएँ, ताकि जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनायी जा सके।














