गाज़ीपुर – करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित के पुत्र नीतिश कुमार ने पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी का तरीका
थाना प्रभारी रमेश चंद्र पटेल ने बताया कि खुशी गांव निवासी धर्मेंद्र ने खुद को स्मॉल फाइनेंस बैंक संचालक बताते हुए पीड़ित से 3 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज देने का लालच दिया। इसी लालच में आकर सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेंद्र राम ने छह लाख रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
नीतिश कुमार के अनुसार, जनवरी 2022 में राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त हुए सुरेंद्र राम के घर धर्मेंद्र उनके रिश्तेदार त्रिलोकीनाथ (निवासी कटघरा) के माध्यम से पहुंचा। उसने निवेश पर बेहतर रिटर्न का प्रस्ताव रखा। भरोसा होने पर सुरेंद्र राम ने अपनी मेहनत की कमाई आरोपी को दे दी।
आरोपी हुआ फरार
परिवार का आरोप है कि मार्च 2023 के बाद धर्मेंद्र धीरे-धीरे गायब हो गया। न तो ब्याज दिया, न ही मूल धन वापस किया। पुराने मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए और नए नंबर से संपर्क होने पर वह एक सप्ताह में पैसे लौटाने का झूठा आश्वासन देकर फोन स्विच ऑफ कर देता है।
इसके कारण सुरेंद्र राम आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। परिवार का कहना है कि दवाइयों और इलाज के लिए भी पैसे का अभाव हो गया है, जिससे वे बेहद परेशान हैं।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
पीड़ित ने एसपी से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस धोखाधड़ी की हर पहलू से जांच में जुट गई है।














