नोएडा: नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान SIT ने प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से घंटों पूछताछ की और सेफ्टी ऑडिट सिस्टम को लेकर भी विस्तृत चर्चा की।
नोएडा प्राधिकरण दफ्तर में अफसरों से लंबी पूछताछ
मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे SIT की टीम नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंची। यहां टीम ने सबसे पहले निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, सेफ्टी ऑडिट प्रक्रिया और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, SIT ने कई अहम बिंदुओं पर जवाब तलब किए और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी तैयार की।
घटनास्थल पर बारीकी से निरीक्षण
प्राधिकरण दफ्तर के बाद SIT की टीम सीधे घटनास्थल पर पहुंची, जहां युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। टीम ने मौके पर मौजूद हालात, बैरिकेडिंग की स्थिति, चेतावनी संकेतों की कमी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों और NDRF की टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
SIT चीफ ADG भानु भास्कर का बयान
SIT प्रमुख और मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले में जांच लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि एक नामजद बिल्डर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दूसरे बिल्डर की तलाश जारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाह और दोषी अधिकारियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ADG भानु भास्कर ने यह भी बताया कि उन्होंने मृतक युवराज मेहता के पिता से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और हर संभव मदद की जाएगी।
#WATCH ग्रेटर नोएडा: मेरठ जोन ADG भानु भास्कर ने कहा, “…हमारी SIT ने इसमें काम शुरू कर दिया है शासन के निर्देश पर 5 दिन में इसका रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी और सभी से बातचीत करने के बाद ये देखना होगा कि ये किन कारणों से और परिस्थितियों में ये घटना घटी है। हम… https://t.co/3YgpTklU1w pic.twitter.com/nuSzdu8sI4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 20, 2026
युवराज की मौत से टूट गया परिवार
मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता और अन्य परिजन उनकी अस्थियों को लेकर बृजघाट पहुंचे, जहां विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया गया। शाम को लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में राजकुमार मेहता ने कहा कि वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं और अब उन्हें सिर्फ न्याय की उम्मीद है।
SIT गठन के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
घटना के तीन दिन बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए SIT का गठन किया, तब से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मंगलवार को BJP के कई विधायक और सांसद युवराज के परिवार से मिलने पहुंचे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिला।
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सपा का आरोप: सिर्फ बिल्डर नहीं, पूरा सिस्टम जिम्मेदार
गौतम बुद्ध नगर सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि इस घटना में पुलिस, प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण—तीनों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि हाईटेक पुलिस और हाईटेक प्राधिकरण होने के बावजूद युवराज को बचाया क्यों नहीं जा सका।
उन्होंने कहा कि सिर्फ बिल्डर पर कार्रवाई और प्राधिकरण के सीईओ को हटाने से काम नहीं चलेगा, दोषियों को जेल भेजना चाहिए।
पांच दिन में रिपोर्ट सौंपेगी SIT
SIT अध्यक्ष ADG भानु भास्कर, नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पहुंचे थे। प्राधिकरण में घंटों चली पूछताछ के बाद SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। टीम को पांच दिनों के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
अब सबकी निगाहें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि युवराज मेहता की मौत के लिए केवल कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा या फिर पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होगी।














