Saturday, April 11, 2026
Your Dream Technologies
HomeUttar Pradeshकानपुर में रिश्तों की नई कहानी: मां ने बेटी को दिया सहारा,...

कानपुर में रिश्तों की नई कहानी: मां ने बेटी को दिया सहारा, अब वही बेटी बनी मुसीबत

कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों की पारंपरिक परिभाषा को थोड़ा उलट दिया। आमतौर पर खबरें आती हैं कि बेटे या बहू बुजुर्ग माता-पिता को परेशान करते हैं, लेकिन यहां कहानी कुछ अलग निकली—यहां 76 वर्षीय मां ही अपनी बेटी से परेशान होकर प्रशासन की चौखट पर पहुंच गईं।

तहसील सदर के ग्राम दूल की रहने वाली 76 वर्षीय सरस्वती जनतादर्शन में पहुंचकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से बोलीं—“साहब, जिस बेटी को सहारा देकर घर में जगह दी, अब वही मुझे घर से बाहर निकाल रही है।”

शिकायत पहुंची डीएम तक

सरस्वती ने बताया कि उनकी बेटी प्रेमशांति आए दिन उनसे विवाद करती है और हाल ही में तो उन्हें ही घर से बाहर कर दिया। उम्र के इस पड़ाव पर मां को लगा कि अब न्याय का दरवाजा ही खटखटाया जाए, सो वह सीधे जनतादर्शन पहुंच गईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत जांच के आदेश दिए। इसके बाद उपजिलाधिकारी अनुभव सिंह राजस्व और पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे।

गांव में लगी छोटी ‘पंचायत’

प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही गांव में मानो छोटी पंचायत लग गई। नायब तहसीलदार, पुलिस, ग्राम प्रधान और गांव के कई लोग मौके पर जमा हो गए।

ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि मां-बेटी के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है। उधर प्रेमशांति ने भी अपना पक्ष रखा। उसने कहा कि वह ससुराल में प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही है और मारपीट के आरोप गलत हैं।

अधिकारियों ने कराया समझौता

काफी देर तक चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने दोनों को समझाया और माहौल शांत कराया। अंततः मां-बेटी के बीच अस्थायी सुलह हो गई।

उपजिलाधिकारी अनुभव सिंह ने क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिस को निर्देश दिया है कि समय-समय पर इस मामले पर नजर रखें, ताकि घर की ‘घरेलू बहस’ फिर से ‘सरकारी फाइल’ न बन जाए।

रिश्तों की बदलती तस्वीर

यह घटना बताती है कि बदलते समय में रिश्तों के समीकरण भी बदल रहे हैं। कभी-कभी घर के छोटे-छोटे विवाद इतने बड़े हो जाते हैं कि उन्हें सुलझाने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को आगे आना पड़ता है।

फिलहाल प्रशासन की पहल से मामला शांत हो गया है, लेकिन इस घटना ने गांव में चर्चा जरूर छेड़ दी है कि अब जमाना ऐसा आ गया है कि कभी-कभी मां को ही बेटी से बचाने के लिए प्रशासन को मैदान में उतरना पड़ता है।

 

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button