मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump प्रशासन ने इजराइल में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को लेकर अभूतपूर्व रुख अपनाया है। यरूशलेम स्थित U.S. Embassy in Jerusalem ने स्पष्ट कहा है कि यदि अमेरिकी नागरिक इजराइल छोड़ना चाहते हैं तो वे अपने स्तर पर व्यवस्था करें—दूतावास उनकी निकासी या सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेगा।
यह पहला मौका है जब अमेरिका ने जंग जैसे हालात में अपने नागरिकों के रेस्क्यू को लेकर इस तरह का सार्वजनिक बयान जारी किया है।
दूतावास का साफ संदेश: “हम मदद की स्थिति में नहीं”
दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान लगातार इजराइल पर हमले कर रहा है और हालात गंभीर हैं। ऐसे में जो अमेरिकी नागरिक देश छोड़ना चाहते हैं, वे इजराइल सरकार से संपर्क करें। इजराइली प्रशासन जो भी व्यवस्था करेगा, उसी के तहत उन्हें बॉर्डर तक पहुंचाया जा सकता है।
हालांकि, दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि बॉर्डर तक पहुंचने के दौरान यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी अमेरिकी दूतावास नहीं लेगा।
निजी इंतजाम से निकलने की सलाह
दूतावास ने आगे कहा कि जो लोग सरकारी शटल का उपयोग नहीं करना चाहते, वे निजी टैक्सी या अन्य साधनों से बॉर्डर तक जा सकते हैं—लेकिन यह पूरी तरह उनके अपने जोखिम पर होगा।
चौंकाने वाली बात यह है कि दूतावास ने यह भी नहीं बताया कि इजराइल से बाहर निकलने के बाद अमेरिकी नागरिकों को अमेरिका कैसे पहुंचाया जाएगा। यानी यदि कोई व्यक्ति सीमा पार कर भी लेता है, तो वाशिंगटन तक सुरक्षित वापसी की कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं रखी गई है।
इजराइल में कितने अमेरिकी नागरिक?
इजराइल इंटरनेशनल न्यूज के अनुसार, इजराइल में कम से कम तीन लाख अमेरिकी नागरिक रहते हैं। इनमें से अधिकांश के पास दोहरी नागरिकता है और वे यहूदी समुदाय से जुड़े हैं। मौजूदा युद्ध जैसे हालात में बड़ी संख्या में लोग अमेरिका लौटना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वापस लाना अमेरिका के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
क्षेत्रीय हालात और जटिल चुनौती
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने एक साथ मध्य-पूर्व के कई देशों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है। हवाई यातायात प्रभावित है और कई एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाना बेहद जटिल हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो अमेरिका पर अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल दूतावास का रुख यही है कि अमेरिकी नागरिक स्वयं अपने सुरक्षा प्रबंध करें और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखें।
मध्य-पूर्व की इस उथल-पुथल ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वैश्विक कूटनीति और नागरिक सुरक्षा की रणनीतियों पर भी नई बहस छेड़ दी है।














