उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान के इशारे पर देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बना रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने और गैस सिलेंडरों से भरे ट्रकों में आग लगाने जैसी खतरनाक वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में था।
एटीएस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल (25) और अरबाब (20), तथा गौतम बुद्ध नगर के छपरौला निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना साकिब, जो पेशे से नाई है, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी आकाओं और कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में था। इन माध्यमों से उसे निर्देश दिए जा रहे थे और देश में दहशत फैलाने के लिए उकसाया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले कुछ छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेजते थे। इसके बदले उन्हें क्यूआर कोड के जरिए पैसे दिए जाते थे।
गिरोह की गतिविधियां केवल आगजनी तक सीमित नहीं थीं। ये लोग लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे शहरों में रेलवे सिग्नल बॉक्स और अन्य संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे। इसके अलावा राजनीतिक हस्तियों की निगरानी भी इनके निशाने पर थी।
एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, इस साजिश का मकसद देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना, आर्थिक क्षति पहुंचाना और आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा करना था।
इस मामले में लखनऊ स्थित एटीएस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शन और सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जा सके।














