तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक हुमायूं कबीर की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। रविवार सुबह से ही पश्चिम बंगाल के भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर के घर पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। शक्तिनगर पुलिस स्टेशन की टीम ने उनके आवास को घेर लिया और बाद में उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, रॉबिन पर अपने ही बॉडीगार्ड, राज्य पुलिस के कांस्टेबल जुम्मा खान के साथ मारपीट करने का आरोप है। इसी शिकायत के आधार पर रविवार को पुलिस हुमायूं कबीर के घर पहुंची और उनके बेटे को थाने ले जाया गया।
कांस्टेबल ने दर्ज कराई शिकायत
मुर्शिदाबाद पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रविवार सुबह हुमायूं कबीर के PSO कांस्टेबल जुम्मा खान ने शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि जब उन्होंने घर जाने के लिए छुट्टी मांगी, तो हुमायूं कबीर के बेटे रॉबिन ने उनके साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह घटना हुमायूं कबीर के शक्तिपुर स्थित आवास के ग्राउंड फ्लोर ऑफिस में सभी के सामने हुई।
मीटिंग के दौरान हुआ विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार को हुमायूं कबीर अपने MLA कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल छुट्टी मांगने कार्यालय में पहुंचे। छुट्टी को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान कांस्टेबल को थप्पड़ मारा गया, जिसके बाद उन्होंने भी पलटवार किया। तभी हुमायूं कबीर का बेटा मौके पर पहुंचा और कांस्टेबल की पिटाई कर दी।
घटना के बाद कांस्टेबल सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और CCTV फुटेज जब्त
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हुमायूं कबीर के शक्तिपुर स्थित घर पर छापा मारा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घर और कार्यालय के CCTV फुटेज जब्त कर लिए गए हैं, जिन्हें दो पेन ड्राइव में सुरक्षित किया गया है। इन्हीं फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
हुमायूं कबीर का पलटवार
बेटे को हिरासत में लिए जाने के बाद हुमायूं कबीर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी। उन्होंने कहा,“अगर पुलिस ने मेरे घर के आसपास कोई भी गलत हरकत की, तो मैं बहरामपुर जिला पुलिस कार्यालय का घेराव करूंगा।”
हुमायूं कबीर का दावा है कि कांस्टेबल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। उनके मुताबिक,“सिक्योरिटी गार्ड मेरे ऑफिस में घुसा और मुझ पर हमला करने की कोशिश की। जरूरत पड़ी तो CCTV फुटेज सबूत के तौर पर पेश की जाएगी।”
तृणमूल का सख्त रुख
इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“हुमायूं कबीर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड पर हाथ उठाया। अगर कोई पुलिस पर हाथ उठाता है, तो कानून अपना काम करेगा। वह न तो पार्टी उम्मीदवार को पकड़ सकता है और न ही सुरक्षा कर्मी को।”
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अपनी नई पार्टी बना चुके हैं, जबकि उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद अब भी तृणमूल से जुड़े हुए हैं। वह बेलडांगा-2 पंचायत समिति में तृणमूल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर हैं।














