गाज़ीपुर – बिरनो थाना क्षेत्र के ब्लॉक के पास स्थित एक निजी अस्पताल में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल की दूसरी मंजिल से वहां कार्यरत एक स्टाफ नर्स के गिरने की सूचना मिली। घटना की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
घटना के बाद पहुंची पुलिस
सूचना पर बिरनो पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायल युवती को अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की मदद से एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी बहन बीते एक माह से उक्त अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत थी। रविवार को उसे सूचना मिली कि उसकी बहन अस्पताल की छत से गिर गई है। अस्पताल पहुंचने पर साथ में काम करने वाली अन्य नर्सों ने बताया कि घटना के समय दूसरी मंजिल पर केवल घायल युवती और एक डॉक्टर मौजूद थे।
घटना को लेकर उठे सवाल
आरोप है कि उस दौरान किसी अन्य व्यक्ति को दूसरी मंजिल पर जाने नहीं दिया जा रहा था और डांट-फटकार कर नीचे भेज दिया जा रहा था। कुछ देर बाद रोने की आवाज सुनकर जब लोग अस्पताल के पीछे पहुंचे, तो देखा कि नर्स नीचे गिरी हुई थी। भाई का आरोप है कि उसकी बहन पिछले एक सप्ताह से मानसिक रूप से परेशान थी और आशंका है कि उसे डॉक्टर द्वारा नीचे फेंका गया है।
पुलिस कर रही जांच
घायल युवती शादियाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बताई जा रही है। इस संबंध में बिरनो थानाध्यक्ष अजय कुमार यादव ने बताया कि पीड़िता के भाई की तहरीर प्राप्त हो गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।














