
हरदुआगंज स्थित तालानगरी की एक आटा फैक्टरी में मिलावटी आटे के पैकेट तैयार किए जा रहे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने 25 जुलाई की शाम फैक्टरी पर छापा मारा और आटे में सेलखड़ी की मिलावट का खुलासा किया। 13 क्विंटल माल को सील कर दिया गया है। फैक्टरी मालिक कई घंटे बाद भी लाइसेंस नहीं दिखा सके। प्रशासनिक टीम ने लाइसेंस न मिलने पर फैक्टरी को सील करने की बात कही है।
मंडलीय खाद्य आयुक्त अजय जायसवाल ने बताया कि तालानगरी सेक्टर एक के प्लॉट संख्या ई-82 में केके इंडस्ट्रीज के संचालक अरशद शाह पुत्र शाह मोहम्मद, निवासी लाल डिग्गी, की आटा मिल है, जिसमें पंचवटी गोल्ड नाम से गेहूं का आटा बनता है। यहां आटे में सेलखड़ी को मिलाया जा रहा था।
25 जुलाई शाम चार बजे के करीब खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियेश कुमार सिंह, त्रिभुवन नारायण, अनुज निगम और आशीष गंगवार फैक्टरी पहुंचे। मौके पर आटा मिल में गेहूं के आटे के साथ सेलखड़ी (खड़िया) पाउडर मिलाया जा रहा था। फैक्टरी से कुल 8 क्विंटल सेलखड़ी बरामद हुई है, जिसे सील किया गया है। इस दौरान फैक्टरी संचालक अरशद शाह मिल का लाइसेंस नहीं दिखा सके, जिसके बाद फैक्टरी के उस परिसर को सील कर दिया गया, जहां यह मिलावट हो रही थी।

बरामद माल
फैक्टरी से टीम को 10 किलो के 110 पैकेट, 50 किलो के चार पैकेट तथा सेलखड़ी (खड़िया) के 100 किलो के आठ पैकेट बरामद हुए हैं।
मिलावट की जानकारी
मंडलीय खाद्य आयुक्त ने बताया कि आटे में मिलाए गए पाउडर के रूप में सेलखड़ी का उपयोग किया जा रहा था, जिसे आमतौर पर खड़िया के नाम से जाना जाता है। यह दो रुपये किलो के भाव में मिलता है और आटे में मिलाने के बाद 27 रुपये किलो के भाव से बेचा जा रहा था। आटे में इसकी दस फीसदी मिलावट की जा रही थी, जिसमें 10 किलो की पैकिंग में 1 किलो और 50 किलो की पैकिंग में 5 किलो सेलखड़ी मिलाने का अंदेशा है। मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
मंडलीय खाद्य आयुक्त ने बताया कि सेलखड़ी लिवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचाती है। तालानगरी की केके इंडस्ट्रीज में आटे में सेलखड़ी पाउडर मिलाते हुए पकड़ा गया है। 13 क्विंटल आटा सहित परिसर को सील कर दिया गया है। फैक्टरी का संचालन दो साल से किया जा रहा था।
फैक्टरी संचालक और कर्मचारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
इस दौरान टीम को फैक्टरी में राहुल कुमार नामक युवक मिला, जिसने बताया कि पिछले दो माह से फैक्टरी का जिम्मा उसके पास है। सेलखड़ी की मिलावट के बारे में पूछताछ करने पर उसने बताया कि गेहूं और सेलखड़ी फैक्टरी संचालक अरशद शाह लाते हैं, उसे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं, अरशद शाह ने बताया कि उसने फैक्टरी राहुल कुमार और रिंकू सिंह पुत्रगण महेंद्र सिंह, निवासी गांव सरमस्तपुर, को सौंप दी थी और उसे मिलावट की जानकारी नहीं है।

‘पंचवटी गोल्ड’ नाम पर सवाल
पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को अपने नाम, पते और खाद्य सामग्री की सूची लगाने के आदेश दिए थे, जिससे कई संगठनों और विपक्ष के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, तालानगरी में आटा मिल चलाने वाले अरशद शाह अपने आटे को ‘पंचवटी गोल्ड’ के नाम से बेच रहे हैं, जिससे यह मामला चर्चा में रहा।

VIKAS TRIPATHI
भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए “पर्दाफास न्यूज” चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।