पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक वायरल वीडियो ने बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। यह विवाद हुमायूं कबीर से जुड़े एक कथित वीडियो को लेकर है, जिसके सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी All India Trinamool Congress (TMC) ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए Enforcement Directorate (ED) से इसकी जांच कराने और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस विवाद के बाद Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के साथ अपना गठबंधन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है।
AIMIM ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर से जुड़े हालिया खुलासों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पार्टी ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की ईमानदारी पर सवाल उठे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अब वह पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और आगे किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार को हुई, जब सोशल मीडिया पर कबीर से जुड़ा एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद TMC ने इसे साझा करते हुए जांच की मांग की, जिससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई।
हालांकि, हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वीडियो को “AI-जनरेटेड” और “झूठ का पुलिंदा” बताया है। उनका कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने चुनौती दी कि उनके विरोधी यह साबित करें कि वीडियो में दिखाए गए समय और स्थान पर वह वास्तव में मौजूद थे।
Humayun Kabir’s revelations have shown how vulnerable Bengal’s Muslims are. That AIMIM cannot associate with any statements where integrity of Muslims is brought into question. As of today, AIMIM has withdrawn its alliance with Kabir’s party. Bengal’s Muslims are one of the…
— AIMIM (@aimim_national) April 10, 2026
कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि TMC उनकी बढ़ती राजनीतिक पकड़ से घबराई हुई है और मुसलमानों के वोट बैंक को बचाने के लिए इस तरह की साजिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee, और अन्य नेताओं Firhad Hakim तथा Aroop Biswas के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी भी दी है।
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को पिछले साल के अंत में TMC से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) का गठन किया और बाद में AIMIM के साथ चुनावी गठबंधन किया था।
अब इस पूरे विवाद ने पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति को और अधिक गर्म कर दिया है, जहां आने वाले दिनों में इसका असर राजनीतिक समीकरणों पर साफ दिखाई दे सकता है।














