डायल 112 के सिपाही भी निकले ठगी गैंग के हिस्सेदार, पीड़ित को धमकाकर वसूले पैसे; एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां ठगों से भी एक कदम आगे निकलते हुए दो पुलिसकर्मी खुद जालसाजी के खेल में शामिल पाए गए। सस्ते दामों में सोना देने का लालच देकर पीड़ित को बुलाया गया और फिर सोने की जगह नकली (गेम खेलने वाले) नोटों से भरा बैग थमा दिया गया। विरोध करने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर उससे पैसे वसूल लिए गए।
मामले के खुलासे के बाद डायल 112 में तैनात सिपाही आदर्श यादव और अनिल यादव को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। ठगी गिरोह में शामिल प्रमोद सिंह को जेल भेज दिया गया है, जबकि वीरेंद्र वर्मा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
कैसे रची गई ठगी की साजिश
करीब एक महीने पहले गोरखपुर निवासी शिवम मिश्रा के व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कम कीमत में अधिक मात्रा में सोना देने का ऑफर दिया। बातचीत में 50 ग्राम सोना दो लाख रुपये में देने की बात तय हुई। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर लोकेशन बदल-बदलकर बताई गई, ताकि पीड़ित भ्रम में रहे।
अगले दिन शिवम को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में देवरिया बाजार से एक किलोमीटर आगे बुलाया गया। कहा गया कि वहीं प्रमोद सिंह और वीरेंद्र वर्मा मिलेंगे और वही सोना देंगे।
मौके पर पहुंचे पुलिसवाले
जब शिवम तय स्थान पर अपनी कार से पहुंचा, तो थोड़ी देर बाद बाइक से दो पुलिसकर्मी भी वहां आकर खड़े हो गए। इसकी जानकारी शिवम ने फोन करने वालों को दी। कुछ देर बाद प्रमोद और वीरेंद्र पहुंचे और एक बैग थमाते हुए कहा कि सोना इसी बैग में है।
बैग खुला तो निकले नकली नोट
शिवम ने जैसे ही बैग खोला, उसके होश उड़ गए। बैग में सोने की जगह गेम खेलने वाले नकली नोट भरे थे। शिवम ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान मौके पर मौजूद दोनों पुलिसकर्मियों ने भी उसे धमकाया—“यहां से भाग जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे।” डर के मारे शिवम को पैसे देने पड़े।
जांच में हुआ खुलासा
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में डायल 112 के दोनों सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध नहीं बल्कि सक्रिय मिली। इसके बाद दोनों को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्याम देव ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। एक आरोपी को जेल भेजा जा चुका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है और कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं हैं।
सवालों के घेरे में पुलिस
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही वर्दी की आड़ में ठगी और धमकी देने लगे। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और पीड़ित को न्याय कब तक मिलता है।
अगर चाहो तो मैं इसे ब्रेकिंग न्यूज स्टाइल, वेब पोर्टल फॉर्मेट, या अख़बार के लिए एडिटेड कॉपी में भी ढाल दूँ।














