Thursday, January 22, 2026
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एक साल से खुला गटर, प्रशासन मौन: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मौत को खुला न्योता

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेकज़ोन स्थित आम्रपाली ड्रीम वैली के पास इटेनिया प्रोजेक्ट क्षेत्र में बना खुला गटर स्थानीय लोगों के लिए लगातार जानलेवा खतरा बना हुआ है। चौबीसों घंटे बहते पानी वाला यह गटर न केवल आवागमन में बाधा है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।

इस गंभीर समस्या को लेकर गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं। समिति का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है—लगभग एक वर्ष पूर्व ही समिति के उपाध्यक्ष हिमांशु ने इस खुले गटर की शिकायत संबंधित विभागों और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से की थी, लेकिन आज तक न तो गटर को ढका गया और न ही कोई वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था की गई।

समिति के उपाध्यक्ष हिमांशु ने बताया कि शिकायत करते समय उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यह गटर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। बावजूद इसके, न बिल्डर ने जिम्मेदारी निभाई और न ही प्रशासन ने कोई संज्ञान लिया। उन्होंने सवाल उठाया—“क्या प्रशासन किसी दुर्घटना के इंतज़ार में है?”

वहीं, समिति की अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय ने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और प्रणालीगत विफलता करार दिया। उनका कहना है कि जब किसी गंभीर खतरे की पहचान समय रहते हो जाए और फिर भी एक वर्ष तक कोई कार्रवाई न हो, तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ खुला समझौता है।
उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि एरिया वर्क सर्किल-3 के अंतर्गत आने वाले इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डर पर क्या कदम उठाए गए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार इस रास्ते से रोज़ाना बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाएं गुजरते हैं। अंधेरे या बारिश के समय यह खुला गटर और भी अधिक खतरनाक हो जाता है।

गौतम बुद्ध नगर विकास समिति की स्पष्ट मांग है कि

स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए

खुले गटर को अविलंब बंद या सुरक्षित किया जाए

संबंधित बिल्डर और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो इस मुद्दे को जनहित में उच्च स्तर तक मजबूती से उठाया जाएगा

जब शिकायत एक साल पहले हो, खतरा सबको दिख रहा हो और फिर भी प्रशासन चुप बैठा हो—तो सवाल सिर्फ गटर का नहीं, जवाबदेही के गटर में गिरे सिस्टम का है। क्या प्रशासन की फाइलें तभी खुलेंगी जब कोई जान चली जाएगी? अगर यही विकास है, तो ऐसी उदासीनता पर तत्काल अंकुश लगाना ही असली जनहित है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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