नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में क्षेत्र में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता, उसके प्रभावी नियंत्रण तथा वर्तमान में लागू ग्रैप–4 (GRAP-4) के कड़ाई से अनुपालन को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में प्राधिकरण के सभी अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारीगण, जिला प्रशासन से अपर जिलाधिकारी, महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, नोएडा क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न आईटी कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जानकारी दी कि 15 दिसंबर 2025 को माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार श्री भूपेंद्र यादव जी की अध्यक्षता में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई थी। उसमें दिए गए निर्देशों के अनुपालन में नोएडा प्राधिकरण द्वारा त्वरित एवं ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों, संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं निर्देश
1.औद्योगिक उत्सर्जन पर कड़ी कार्रवाई
सभी संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नोएडा में संचालित किसी भी फैक्ट्री अथवा औद्योगिक इकाई से मानकों के विपरीत प्रदूषक उत्सर्जन न हो। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
2.व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण
रेस्टोरेंट, ढाबे एवं स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा उपयोग में लाए जा रहे तंदूर, कोयला/लकड़ी के चूल्हे एवं अन्य धुआं उत्पन्न करने वाले स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए। उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
3.खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
खुले में कचरा, पत्तियां अथवा बागवानी अपशिष्ट जलाने की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ कचरे के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।
4.डीजी सेट के न्यूनतम उपयोग पर जोर
संस्थानों में डीजी सेट (Diesel Generator) के न्यूनतम उपयोग की अपील की गई। साथ ही, ड्यूल फ्यूल मोड में रेट्रोफिटिंग हेतु संबंधित विभागों को संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
5.मैकेनिकल रोड स्वीपिंग
शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर नियमित मैकेनिकल रोड स्वीपिंग सुनिश्चित करने तथा NCAP (National Clean Air Programme) के अंतर्गत प्राप्त धनराशि के समयबद्ध एवं पूर्ण उपयोग के निर्देश दिए गए।
6.हरित क्षेत्रों का विकास
सड़कों के किनारे एवं खाली पड़े कच्चे स्थलों पर घास अथवा टाइल्स लगाए जाने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए गए। वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे स्थानों की सूची तैयार करने को कहा गया, जहां तत्काल हरित विकास की आवश्यकता है।

7.C&D वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण
निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (C&D) वेस्ट के संग्रहण एवं उसके वैज्ञानिक, नियमानुसार निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
8.नागरिक सहभागिता को बढ़ावा
वायु प्रदूषण नियंत्रण अभियानों में नागरिकों, आरडब्ल्यूए, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
9.वाहन जनित प्रदूषण के हॉट-स्पॉट की पहचान
वाहनों से होने वाले प्रदूषण के हॉट-स्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां हरित विकास, धूल नियंत्रण एवं अन्य लक्षित उपाय समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
10.धूल नियंत्रण हेतु जल छिड़काव
संस्थानों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने परिसरों के सामने स्थित सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर धूल नियंत्रण में सहयोग करें।
11.सार्वजनिक स्थलों को ‘Adopt’ करने की पहल
संस्थानों से अनुरोध किया गया कि वे अपने समीप स्थित फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज अथवा प्राधिकरण की अन्य अवसंरचनाओं के रखरखाव हेतु उन्हें अपनाने (Adopt) पर विचार करें, जिससे स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण नियंत्रण नोएडा प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों, संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों एवं नागरिकों से अपील की कि वे सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए नोएडा को स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।














