भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने 9 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम सबसे प्रमुख रूप से सामने आया है। उन्हें बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है।
बिहार से दो उम्मीदवार मैदान में
बीजेपी ने बिहार से नितिन नवीन और शिवेश राम को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं एनडीए गठबंधन की ओर से उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। उपेंद्र कुशवाहा 5 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि 15 मार्च को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।
6 राज्यों से 9 उम्मीदवार घोषित
बीजेपी ने मंगलवार को छह राज्यों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। महाराष्ट्र के नामों का अभी ऐलान नहीं किया गया है। घोषित नाम इस प्रकार हैं—
हरियाणा से संजय भाटिया
पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा
छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा
ओडिशा से मनमोहन शामल और सुजीत कुमार
असम से तराश गोवाला और जगनमोहन
इन नामों के जरिए पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
बिहार में बढ़ी सियासी हलचल
बिहार में इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अप्रैल 2026 में जिन पांच सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें—
हरिवंश नारायण सिंह (जेडीयू)
प्रेमचंद्र गुप्ता (आरजेडी)
रामनाथ ठाकुर (जेडीयू)
अमरेंद्र धारी सिंह (आरजेडी)
उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा)
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/38I3mo5KMb
— BJP (@BJP4India) March 3, 2026
इनमें दो सीटें जेडीयू के पास, दो आरजेडी के पास और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास रही है।
5वीं सीट पर NDA को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत
विधानसभा चुनाव 2025 के बाद मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर पांच में से चार सीटें एनडीए के खाते में जाती दिख रही हैं। हालांकि पांचवीं सीट को लेकर समीकरण जटिल हैं। इस सीट के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन को उम्मीदवार बनाए जाने से बीजेपी ने संगठनात्मक नेतृत्व को संसद के उच्च सदन में मजबूत करने का संकेत दिया है। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया और समर्थन जुटाने की रणनीति के साथ बिहार की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।














