आज दिनांक 27 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष मॉनिटर विद्या भूषण कुमार द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र का विस्तृत एवं बहुआयामी निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों तथा नागरिक सुविधाओं का स्थल पर जाकर अवलोकन किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
सेक्टर-94 स्थित ISTMS में वायु प्रदूषण पर गहन समीक्षा
निरीक्षण की शुरुआत सेक्टर-94 स्थित ISTMS (Integrated Smart Traffic Management System) से की गई। यहां वायु प्रदूषण से संबंधित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। महोदय ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की वर्तमान स्थिति, प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों तथा नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा की।

अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि शहर में धूल नियंत्रण एवं प्रदूषण शमन हेतु एंटी-स्मॉग गन और स्प्रिंकलर मशीनों का नियमित संचालन किया जा रहा है। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि इन उपकरणों में उपयोग किया जाने वाला जल एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से उपचारित जल है। इस पहल से एक ओर जहां पेयजल का संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के मानकों का भी पालन किया जा रहा है।
महोदय ने निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए, ताकि वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की उन्नत मॉनिटरिंग व्यवस्था
ISTMS के उपरांत महोदय द्वारा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली का प्रस्तुतीकरण किया गया।

रीयल-टाइम सर्विलांस, स्मार्ट कैमरा नेटवर्क, ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली, स्वच्छता मॉनिटरिंग एवं आपदा प्रबंधन समन्वय जैसी व्यवस्थाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर संचालित होते देख महोदय ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उल्लेख किया कि पूरे प्रदेश में इस प्रकार की उन्नत एवं समेकित मॉनिटरिंग व्यवस्था अन्य किसी शहर में उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इसी मॉडल को विस्तार देते हुए ग्रेटर नोएडा में भी इसी प्रकार की स्मार्ट मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की जाए, जिससे प्रशासनिक दक्षता एवं पारदर्शिता में वृद्धि हो सके।
BOT आधारित सार्वजनिक शौचालय का अवलोकन
तत्पश्चात महोदय द्वारा बीओटी (Build-Operate-Transfer) आधारित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया गया। बिना किसी शुल्क के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की सराहना की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि स्वच्छता मानकों की नियमित निगरानी की जाए तथा नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
नवनिर्मित जंगल ट्रायल एवं वेटलैंड पार्क का निरीक्षण

निरीक्षण क्रम में नवनिर्मित जंगल ट्रायल का अवलोकन किया गया। यहां अपशिष्ट सामग्री से निर्मित पशु आकृतियों एवं कलात्मक संरचनाओं की कारीगरी को विशेष रूप से सराहा गया। यह पहल न केवल पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देती है, बल्कि ‘कचरे से कला’ की अवधारणा को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
इसके उपरांत सेक्टर-54 स्थित वेटलैंड पार्क का निरीक्षण किया गया। यहां जैव विविधता संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। महोदय ने वेटलैंड के संरक्षण को शहरी पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

बायोमेथेनाइजेशन प्लांट एवं C&D प्लांट का निरीक्षण
इसके पश्चात सेक्टर-34 स्थित बायोमेथेनाइजेशन प्लांट का निरीक्षण किया गया। यहां जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया, बायोगैस उत्पादन तथा ऊर्जा रूपांतरण प्रणाली का विस्तार से अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र के माध्यम से गीले कचरे का प्रभावी प्रबंधन कर ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लैंडफिल पर निर्भरता में कमी आई है।
अंत में सेक्टर-80 स्थित C&D (Construction & Demolition) प्लांट का निरीक्षण किया गया। यहां निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्टों के पुनर्चक्रण की उन्नत प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इस संयंत्र के माध्यम से मलबे को पुनः उपयोगी निर्माण सामग्री में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय प्रभाव में कमी सुनिश्चित हो रही है।
समापन एवं सराहना
निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत की गई सभी सुविधाओं, तकनीकी नवाचारों एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाओं की महोदय द्वारा सराहना की गई। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अपनाई जा रही पारदर्शी, तकनीक-आधारित एवं सतत विकासोन्मुखी व्यवस्थाएं अन्य शहरी निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती हैं।
इस अवसर पर एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक; ओएसडी इन्दु प्रकाश सिंह; कपिल सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक (H&SWM); आर.के. शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक; राहुल गुप्ता, प्रबंधक (H&SWM); क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी; KPMG के सलाहकारगण एवं एनजीओ ‘Guided Fortune समिति’ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता एवं आधुनिक शहरी प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।














