असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने सीटों के बंटवारे पर सहमति बना ली है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने रविवार को मीडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के बीच यह स्पष्ट हो चुका है कि किस पार्टी को कौन-सी सीट पर चुनाव लड़ना है। उन्होंने भरोसा जताया कि सीट शेयरिंग को लेकर गठबंधन में किसी भी प्रकार की असहमति या परेशानी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही संभावित उम्मीदवारों की सूची लेकर नई दिल्ली जाएगा और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात करेगा। इस बैठक के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर मुहर लगने की संभावना है।
गठबंधन में कौन-कौन शामिल?
फिलहाल असम विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में कई क्षेत्रीय दल शामिल हैं। इनमें प्रमुख हैं:
Bharatiya Janata Party (भाजपा)
Asom Gana Parishad (एजीपी)
United People’s Party Liberal (यूपीपीएल)
Bodoland People’s Front (बीपीएफ)
Rabha Hasong Joutha Sangram Samiti (आरएचजेएसएस)
Janasakti Party (जेपी)
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है।
परिसीमन के बाद पहला चुनाव
यह चुनाव कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि 2023 में हुए परिसीमन के बाद यह असम का पहला विधानसभा चुनाव होगा। नई सीमाओं के निर्धारण के बाद कई निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना और सामाजिक समीकरणों में बदलाव आया है, जिससे चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ना तय है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इससे पहले सात जनवरी को संकेत दिया था कि भाजपा और उसके सहयोगी दल 15 फरवरी तक सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। अब उनकी ताजा घोषणा से स्पष्ट हो गया है कि गठबंधन के भीतर सहमति बन चुकी है और जल्द ही उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
वर्तमान विधानसभा की स्थिति
असम विधानसभा में वर्तमान संख्या बल पर नजर डालें तो भाजपा के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगियों में एजीपी के 9, यूपीपीएल के 7 और बीपीएफ के 3 विधायक शामिल हैं।
वहीं विपक्ष की बात करें तो Indian National Congress (कांग्रेस) के 26 विधायक, All India United Democratic Front (एआईयूडीएफ) के 15 और Communist Party of India (Marxist) [सीपीआई(एम)] का एक विधायक है। इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक भी सदन में मौजूद है।
चुनावी माहौल गरम
सीट बंटवारे पर सहमति बनने के साथ ही असम में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। एनडीए अब उम्मीदवारों के चयन और प्रचार रणनीति पर फोकस करेगा, जबकि विपक्षी दल भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण और गठबंधन की मजबूती इस चुनाव को और दिलचस्प बना रहे हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एनडीए अपने उम्मीदवारों की सूची कब जारी करता है और विपक्ष इसके जवाब में क्या रणनीति अपनाता है।














