महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद बीजेपी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर चुनाव को लेकर हो रही है। इसकी वजह यह है कि यहां महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है, फिर भी मेयर पद पर अंतिम फैसला फिलहाल टलता नजर आ रहा है।
मेयर पद को लेकर एकनाथ शिंदे गुट ने 2.5 साल के कार्यकाल की मांग रखी है। इसी बीच शिंदे गुट के सभी पार्षदों को होटल में शिफ्ट किए जाने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। हालांकि इस मांग पर अब तक एकनाथ शिंदे की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार रात दावोस के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र में अधिक से अधिक वित्तीय निवेश आकर्षित करना है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री 25 जनवरी को मुंबई लौटेंगे और उनके वापस आने के बाद ही मेयर पद को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी मुंबई को नया मेयर मिलने में अभी एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है।
संख्या बल का गणित
227 सदस्यीय बीएमसी में बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 114 है। ऐसे में बीजेपी को मेयर बनाने के लिए अभी 25 पार्षदों की जरूरत है। शिंदे गुट के पास 29 पार्षद हैं, जिससे उनकी भूमिका निर्णायक बन गई है।
कैबिनेट बैठक में भी सियासी संकेत
निकाय चुनाव नतीजों के बाद बुलाई गई कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री मौजूद नहीं रहे। एकनाथ शिंदे के बैठक में शामिल न होने की वजह उनकी तबीयत खराब होना बताई गई। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच मुंबई मेयर को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है।














