पश्चिमी एशिया में ईरान–इज़रायल टकराव के तेज होने के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। 28 फरवरी की सुबह इज़रायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात गंभीर हो गए।
इन हमलों का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा। यूएई प्रशासन ने एहतियातन दुबई और अबू धाबी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। इसके चलते हजारों यात्री एयरपोर्ट टर्मिनलों में फंस गए, जिनमें अंतरराष्ट्रीय खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां भी शामिल हैं।
बेयरस्टो ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो भी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों में शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर से सीधा सवाल कर दिया।
दरअसल, प्रधानमंत्री स्टार्मर ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जंग की स्थिति को लेकर एक वीडियो संदेश साझा किया था। उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए बेयरस्टो ने लिखा—
“क्या आप हमें घर पहुंचा सकते हो?”
बेयरस्टो का यह सवाल तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि संकट की इस घड़ी में सरकारें अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए क्या कदम उठा रही हैं।
My statement on Iran. pic.twitter.com/Ki4VVTYO4N
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) February 28, 2026
ऑल इंग्लैंड के लिए जा रहीं सिंधु भी फंसीं
सिर्फ बेयरस्टो ही नहीं, भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी दुबई एयरपोर्ट पर फंस गईं। सिंधु ब्रिटेन में होने वाले प्रतिष्ठित “ऑल इंग्लैंड टूर्नामेंट” में हिस्सा लेने जा रही थीं।
एयरपोर्ट बंद होने के कारण उनकी यात्रा बीच में ही रुक गई। सिंधु ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि एयरपोर्ट के अंदर अफरा-तफरी और डर का माहौल है। कई यात्री अपने-अपने देशों की दूतावासों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एयरलाइंस ने फिलहाल उड़ानों को लेकर स्पष्ट समयसीमा नहीं दी है।
दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सबसे ज्यादा असर दुबई और अबू धाबी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर देखा गया। ड्रोन हमलों की आशंका और सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द कर दी गईं।
हजारों यात्री टर्मिनलों में रुके हुए हैं
कई ट्रांजिट फ्लाइट्स प्रभावित
होटल बुकिंग और कनेक्टिंग फ्लाइट्स रद्द
दूतावासों और एयरलाइंस पर मदद के लिए दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों और व्यापारिक यात्राओं पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।
सरकारों के सामने चुनौती
ऐसे हालात में विभिन्न देशों की सरकारों के सामने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पहले भी युद्ध जैसे हालात में विशेष उड़ानों और सैन्य विमानों के जरिए नागरिकों की वापसी कराई जाती रही है।
फिलहाल, दुनिया की नजर पश्चिमी एशिया की स्थिति पर टिकी है। खेल जगत के ये बड़े नाम इस बात का प्रतीक बन गए हैं कि जंग का असर सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहता—यह वैश्विक स्तर पर आम नागरिकों और खिलाड़ियों तक को प्रभावित करता है।
स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे, ताकि फंसे हुए यात्री सुरक्षित अपने घर लौट सकें।














