महाराष्ट्र में 16 मार्च को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में सात सीटों के बंटवारे को लेकर गहन मंथन चल रहा है। गठबंधन के भीतर सबसे बड़ी चर्चा Sharad Pawar की संभावित उम्मीदवारी और ‘जीतने योग्य’ सीट पर Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के दावे को लेकर है।
शरद पवार की उम्मीदवारी पर सकारात्मक संकेत
सूत्रों के अनुसार, यदि Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction) (एनसीपी-एसपी) प्रमुख शरद पवार चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो एमवीए के भीतर उन्हें समर्थन देने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय और आगे की रणनीति को लेकर स्पष्टता मांगी है।
समर्थन के बदले समर्थन की रणनीति
गठबंधन के भीतर राजनीतिक मोलभाव भी जारी है। शिवसेना (यूबीटी) चाहती है कि यदि वह राज्यसभा में शरद पवार का समर्थन करती है, तो बदले में विधान परिषद चुनाव में Uddhav Thackeray को समर्थन मिले। यह समीकरण एमवीए के अंदरूनी संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
‘जीतने योग्य’ सीट पर शिवसेना (यूबीटी) का दावा
शिवसेना (यूबीटी) के नेता Sanjay Raut ने शरद पवार की उम्मीदवारी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता Aaditya Thackeray ने गठबंधन की एकमात्र ‘सुरक्षित’ सीट पर अपनी पार्टी का दावा दोहराया है।
आदित्य ठाकरे का कहना है कि पार्टी के भीतर स्पष्ट राय है कि यह सीट शिवसेना (यूबीटी) की होनी चाहिए। उन्होंने 2020 के राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय शिवसेना ने एनसीपी की Fauzia Khan को समर्थन दिया था और अपनी सीट छोड़ी थी। वहीं 2022 में संजय राउत राज्यसभा पहुंचे, लेकिन पार्टी के दूसरे उम्मीदवार संजय पवार को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में पार्टी इस बार दो सांसदों की मौजूदगी को जरूरी मान रही है।
संख्याबळ पाहता आणि राज्यसभेत संजय राऊत जी व प्रियंका चतुर्वेदी जी देत असलेला लढा पाहता, शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) पक्षाचे दोन खासदार राज्यसभेत असणं गरजेचं आहे.
देशहित असो, महाराष्ट्रहित असो, धारावीचं अथवा मुंबईचं अदानीकरण असो किंवा पर्यावरणाचा ऱ्हास असो… ह्या दोन्ही… pic.twitter.com/oLUZkyLTzu
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) February 21, 2026
अंतिम फैसला बातचीत से
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया के जरिए भी कहा है कि पार्टी की ताकत और राज्यसभा में प्रियंका चतुर्वेदी व संजय राउत की सक्रिय भूमिका को देखते हुए दो सांसद होना आवश्यक है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय तीनों सहयोगी दलों के बीच चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
राज्यसभा चुनाव से पहले एमवीए के भीतर यह मंथन न सिर्फ सीट बंटवारे का सवाल है, बल्कि भविष्य के राजनीतिक समीकरण और गठबंधन की मजबूती की भी परीक्षा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 16 मार्च से पहले सहमति का अंतिम फार्मूला क्या निकलता है।














