भारत दौरे पर आए Luiz Inácio Lula da Silva ने रविवार को भारत-ब्राजील संबंधों को नई दिशा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के साथ उनके रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और भावनात्मक भी हैं। यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली साबित होगी।
तीसरे कार्यकाल की वैश्विक रणनीति का हिस्सा
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि उनका मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दौरा उनके तीसरे कार्यकाल की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उनका लक्ष्य वैश्विक मंच पर ब्राजील की छवि और नेगोशिएशन पावर को फिर से मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि मात्र 3 साल और 2 महीने में ब्राजील ने अपने उत्पादों के लिए 520 नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोले हैं। इसे उन्होंने उम्मीद से कहीं बड़ी उपलब्धि बताया।
2005 की भारत यात्रा से मिली आर्थिक सीख
लूला ने 2005 में अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उसी दौरान उन्हें विदेशी मुद्रा भंडार के महत्व का एहसास हुआ था। उस समय उनकी मुलाकात तत्कालीन प्रधानमंत्री Manmohan Singh से हुई थी, जिनसे आर्थिक स्थिरता और रिजर्व नीति पर विस्तृत चर्चा हुई थी।
#WATCH | Delhi: President of Brazil, Luiz Inácio Lula da Silva, says, “This trip to India has a characteristic that is very special. It was in India in 2005 that, for the very first time, I perceived the importance of having international hard currency reserves. I came here, my… pic.twitter.com/56eymnwxXC
— ANI (@ANI) February 22, 2026
उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार भारत आया था, तब भारत ने 100 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बनाया था। ब्राजील लौटकर मैंने तय किया कि हमें भी मजबूत रिजर्व तैयार करना चाहिए।”
लूला के अनुसार, बाद में ब्राजील ने 360 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार तैयार किया और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कर्जदार देश से कर्जदाता देश की स्थिति में पहुंच गया। उस समय ब्राजील दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों में तीसरे या चौथे स्थान पर था।
व्यापार 2.4 अरब डॉलर से 10.5 अरब डॉलर तक
राष्ट्रपति लूला ने भारत-ब्राजील व्यापारिक संबंधों में आई प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार भारत आए थे, तब दोनों देशों के बीच व्यापार केवल 2.4 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 10.5 अरब डॉलर हो चुका है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए लूला ने बताया कि दोनों देशों ने 2030 तक 20 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है।
हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की मजबूत आर्थिक क्षमता को देखते हुए यह आंकड़ा 30 अरब डॉलर तक भी पहुंच सकता है। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा उद्योग में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया और बताया कि इस दौरे के दौरान सात महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सांस्कृतिक रिश्तों में भी गर्मजोशी
इस यात्रा में कूटनीतिक और आर्थिक मुद्दों के साथ सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली। लूला ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी पिछले वर्ष ब्राजील गए थे, तो उनकी पसंद के गीत की विशेष तैयारी की गई थी।
#WATCH | Delhi: President of Brazil, Luiz Inácio Lula da Silva, says, “When I came here for the very first time, the trade between Brazil and India was only $2.4 billion. Now it has reached $10.5 billion. Prime Minister Modi established for me that we have a target to reach $20… pic.twitter.com/L07rFi3CZJ
— ANI (@ANI) February 22, 2026
ब्राजील की राजधानी में स्थित Palácio da Alvorada में उनके लिए खास सरप्राइज रखा गया था।
दिल्ली में आयोजित लंच के दौरान जब ब्राजील के प्रसिद्ध गीत “Asa Branca” की धुन बजाई गई, तो लूला हैरान रह गए। उन्होंने इसे भारत और ब्राजील के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताया।
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
राष्ट्रपति लूला ने स्पष्ट किया कि भारत और ब्राजील के रिश्ते अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा और वैश्विक मंचों पर साझेदारी तक विस्तृत हो चुके हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देश न केवल आर्थिक रूप से बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी एक-दूसरे के मजबूत साझेदार बनकर उभरेंगे।
भारत और ब्राजील के बीच यह बढ़ती नजदीकी वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














