गाजीपुर: जिले में एक अधिवक्ता ने चर्चित प्रॉपर्टी डीलर गणेशदत्त मिश्रा और उसके साले पर पिस्टल सटाकर दस लाख रुपये के चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में 2 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जमीन खरीद के नाम पर लेन-देन
शादियाबाद थाना क्षेत्र के नेवादा दुर्गविजय राय निवासी अधिवक्ता रविकांत पांडेय ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि वह जिला न्यायालय में वकालत करते हैं और शहर में मकान बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात चंदननगर कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर गणेशदत्त मिश्रा से हुई।
मिश्रा ने शहर में विभिन्न स्थानों पर जमीन उपलब्ध होने की बात कही। चंदननगर स्थित एक भूखंड पसंद आने पर सात लाख रुपये अग्रिम और शेष 1.50 लाख रुपये बाद में देने की सहमति बनी। पीड़ित के अनुसार, उसने स्वयं, पत्नी और पिता के खातों से आरटीजीएस के माध्यम से गणेशदत्त मिश्रा तथा उसके कहने पर उसके साले अनुराग पांडेय के खाते में रकम ट्रांसफर की।
पिस्टल दिखाकर 10 लाख के चेक पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
अधिवक्ता का आरोप है कि 18 जनवरी की शाम चेक देने के बहाने उन्हें घर बुलाया गया, जहां दोनों आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर 10 लाख रुपये के चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए और सादे स्टांप पेपर पर अंगूठा भी लगवा लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा है नाम
गणेशदत्त मिश्रा का नाम पूर्व में भी चर्चाओं में रहा है। स्थानीय स्तर पर उन्हें दिवंगत बाहुबली नेता मुक्तार अंसारी का करीबी सहयोगी बताया जाता रहा है।
गाजीपुर के रौजा जलनिगम रोड स्थित एक मकान को पूर्व में जिला प्रशासन की निगरानी में ध्वस्त कराया गया था। प्रशासन ने उस समय कार्रवाई को अवैध निर्माण, मास्टर प्लान के उल्लंघन तथा अंसारी गिरोह से जुड़े तत्वों के प्रभाव से जोड़ते हुए उचित ठहराया था। ध्वस्तीकरण की उस कार्रवाई के दौरान भी गणेशदत्त मिश्रा का नाम स्थानीय चर्चाओं में सामने आया था।
हालांकि इन मामलों में अंतिम स्थिति न्यायिक और प्रशासनिक अभिलेखों के आधार पर ही तय मानी जाएगी।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।














