नई दिल्ली: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बदलते टेक्नोलॉजी परिदृश्य के बीच भारतीय टेक्नोलॉजी उद्योग मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उद्योग संगठन NASSCOM के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय टेक सेक्टर का कुल राजस्व 6.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 315 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
1.35 लाख नई भर्तियां, कुल कर्मचारी 59.5 लाख
नैसकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 1.35 लाख नई भर्तियों के साथ उद्योग में कुल प्रत्यक्ष कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 59.5 लाख हो जाएगी, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में 58.15 लाख थी।
वित्त वर्ष 2024-25 में उद्योग ने शुद्ध आधार पर 1.33 लाख नौकरियां जोड़ी थीं, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा 1.35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि 2,000 की शुद्ध वृद्धि पिछले कई वर्षों में सबसे धीमी वृद्धि में से एक मानी जा रही है।
राजस्व और रोजगार वृद्धि में असंतुलन
नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि 2.3 प्रतिशत रोजगार वृद्धि और 6.1 प्रतिशत राजस्व वृद्धि के बीच स्पष्ट तालमेल नहीं दिखता। इसके बावजूद उन्होंने संतोष जताया कि उद्योग अब भी शुद्ध रोजगार सृजक बना हुआ है।
संगठन के अनुसार, 59.5 लाख कर्मचारियों में से 20 लाख से अधिक को एआई की जानकारी दी जा चुकी है, जबकि लगभग 3 लाख कर्मचारियों को उन्नत एआई कौशल में प्रशिक्षित किया गया है।
एआई से 10–12 अरब डॉलर का अनुमानित राजस्व
रणनीतिक समीक्षा में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में एआई से संबंधित कुल राजस्व 10 से 12 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। हालांकि नांबियार ने स्पष्ट किया कि सभी कंपनियां अपने एआई राजस्व का अलग से खुलासा नहीं करती हैं।
बढ़ता टेक्नोलॉजी निवेश, बदला खर्च का स्वरूप
नैसकॉम ने वित्त वर्ष 2024-25 के राजस्व अनुमान को संशोधित कर 297 अरब डॉलर कर दिया है, जो पहले 282.6 अरब डॉलर आंका गया था।
नांबियार ने स्वीकार किया कि उद्योग के सामने चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि निवेश अब पारंपरिक आईटी सेवाओं के बजाय एआई, क्लाउड और उभरते डिजिटल क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो रहा है।
प्रमुख क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि
आईटी सेवाएं: 143 अरब डॉलर से बढ़कर 149 अरब डॉलर
बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM): 55 अरब डॉलर से बढ़कर 59 अरब डॉलर
सॉफ्टवेयर उत्पाद: 21 अरब डॉलर से बढ़कर 23 अरब डॉलर
इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास (ER&D): 59 अरब डॉलर से बढ़कर 63 अरब डॉलर
हार्डवेयर: 19 अरब डॉलर से बढ़कर 21 अरब डॉलर
एशिया-प्रशांत और घरेलू बाजार में तेजी
पहले जहां उत्तरी अमेरिका भारतीय आईटी उद्योग के लिए प्रमुख वृद्धि चालक था, वहीं अब एशिया-प्रशांत और पश्चिम एशिया क्षेत्र तेज वृद्धि दर्ज कर रहे हैं।
घरेलू बाजार से राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
क्षेत्रवार दृष्टिकोण से स्वास्थ्य सेवा, यात्रा और परिवहन सेक्टर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, विशेषकर देश में उभरते वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs) के कारण।
कुल मिलाकर, भारतीय टेक उद्योग वैश्विक चुनौतियों और एआई के प्रभाव के बावजूद मजबूत वृद्धि पथ पर बना हुआ है। हालांकि रोजगार वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी है, लेकिन राजस्व और कौशल उन्नयन के नए अवसर उद्योग के दीर्घकालिक विस्तार का संकेत दे रहे हैं।














