भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉरीशस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात के बाद कहा कि मार्च 2025 में प्रधानमंत्री Narendra Modi की यात्रा के दौरान भारत–मॉरीशस संबंधों को “उन्नत रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाया गया था।
Mauritius में आयोजित नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे जयशंकर ने बताया कि भारत और मॉरीशस के बीच तेल और गैस की आपूर्ति के लिए सरकार-से-सरकार समझौता अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच यह समझौता मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम मॉरीशस की पहली फ्लोटिंग सोलर परियोजना विकसित कर रहा है, जो स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पर्यावरण अनुकूल और सतत ऊर्जा समाधानों पर मजबूत और गतिशील साझेदारी है।
जयशंकर और प्रधानमंत्री रामगुलाम के बीच हुई वार्ता में समुद्री सहयोग, विकास साझेदारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रगति की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
विशेष आर्थिक पैकेज को आगे बढ़ाने और परियोजनाओं में तेजी
जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन
ENT अस्पताल, एरिया हेल्थ सेंटर और मेडिक्लिनिक परियोजनाओं में सहयोग
आयुष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का जल्द पूरा होना
8 मेगावाट सोलर प्लांट (Henrietta) सहित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं
मॉरीशस की पहली फ्लोटिंग सोलर परियोजना का विकास
100 सामुदायिक विकास परियोजनाओं का कार्यान्वयन और 11 नई परियोजनाओं की शुरुआत
दूसरे चरण में 500 मिलियन मॉरीशियन रुपये का निवेश
रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। संयुक्त हाइड्रोग्राफी सेवा के तहत नौटिकल चार्ट से होने वाले राजस्व को साझा करने और मॉरीशस में जल्द ही डिफेंस अटैची की तैनाती जैसे कदमों पर चर्चा हुई।
क्षमता निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा है। ITEC कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और मॉरीशस के लिए भारत द्वारा विकसित iGOT कर्मयोगी पोर्टल की शुरुआत को अहम उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही, यूजीसी (भारत) और मॉरीशस हायर एजुकेशन कमीशन के बीच समझौते से शिक्षा क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
जयशंकर ने कहा कि भारत की “Neighbourhood First”, “Vision SAGAR” और “Global South” जैसी विदेश नीति प्राथमिकताओं में मॉरीशस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कुल मिलाकर, भारत और मॉरीशस के बीच ऊर्जा, सुरक्षा, विकास और शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना रहा है।














