नई दिल्ली: Narendra Modi और Emmanuel Macron ने मंगलवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स में से एक है तथा वर्ष 2026 भारत-यूरोप संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने फ्रांस को “यूरोप का प्रमुख गेटवे” बताते हुए कहा कि हाल ही में यूरोपीय यूनियन के साथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है, जिससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी गई है। “इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन” के माध्यम से इस साझेदारी को ‘पार्टनरशिप ऑफ द पीपल’ में बदला जाएगा।
उन्होंने बताया कि दोनों देश स्टार्टअप और एमएसएमई के बीच मजबूत नेटवर्क बनाएंगे तथा छात्रों के लिए वीजा और शैक्षणिक सहयोग को अधिक सुगम करेंगे। क्रिटिकल मिनरल्स, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
C’est un plaisir de rencontrer mon ami, le Président Macron, à Mumbai ! Il m’a dit qu’il aime beaucoup la ville et qu’il a également apprécié sa course plus tôt dans la journée !@EmmanuelMacron pic.twitter.com/QzontHWyug
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
AI, डिजिटल साइंस और मल्टीलेटरल सहयोग
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि “इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर AI” और “इंडो सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी” की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि मल्टीलेटरलिज्म, संवाद और कूटनीति के माध्यम से वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों को मजबूती दी जाएगी।
यूक्रेन, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे और आतंकवाद के हर रूप को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इसके अलावा, नेशनल मैरिटाइम हेरिटेज परिसर में सहयोग और फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोलने की भी घोषणा की गई।
रक्षा और तकनीक में बड़े समझौते
राष्ट्रपति मैक्रों ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भारत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
Addressing the joint press meet with President Emmanuel Macron.@EmmanuelMacron https://t.co/FuX0qSUyw7
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
मैक्रों ने बताया कि पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट इंजन पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। इसके साथ ही राफेल लड़ाकू विमान, पनडुब्बी और हेलीकॉप्टर सौदों पर भी समझौते किए जाएंगे। तकनीक ट्रांसफर और बराबरी की साझेदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सहयोग को और विस्तार देने की बात कही गई। राष्ट्रपति मैक्रों ने जुलाई में होने वाले समिट के लिए भारत को औपचारिक निमंत्रण दिया।
वैश्विक स्थिरता की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “इनोवेशन आइसोलेशन से नहीं, बल्कि कोलैबोरेशन से होता है।” संयुक्त इनोवेशन सेंटर और रिसर्च सेक्टर में सहयोग से दोनों देशों की मित्रता और मजबूत होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-फ्रांस की बढ़ती दोस्ती न केवल दोनों देशों के विकास को गति देगी, बल्कि विश्व में स्थिरता और संतुलन स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।














