केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने अपने नाम को अमेरिकी यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जोड़ने वाली खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनके खिलाफ प्रसारित किए जा रहे सभी कथित आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को हटाया जाए और इस तरह की सामग्री के प्रसार पर स्थायी रोक लगाई जाए।
याचिका में हिमायनी पुरी ने कई सोशल मीडिया कंपनियों और अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो पार्टियों) के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की है। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में यदि उनके खिलाफ इस प्रकार के मानहानिकारक आरोप या पोस्ट सामने आते हैं, तो उन्हें तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाए।
सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश देने की मांग
अपनी याचिका में पुरी ने प्रमुख सोशल मीडिया इंटरमीडियरी कंपनियों जैसे X, गूगल, मेटा और लिंक्डइन को भी पक्षकार बनाया है। उन्होंने मांग की है कि ये कंपनियां उनके खिलाफ प्रकाशित या प्रसारित मानहानिकारक कंटेंट को हटाने के साथ-साथ भविष्य में भी ऐसी सामग्री को सामने आते ही तुरंत हटाएं।
मंगलवार को हो सकती है सुनवाई
मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। याचिका के अनुसार 22 फरवरी 2026 से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन रिपोर्ट्स में यह आरोप लगाया जाने लगा कि हिमायनी पुरी का जेफरी एपस्टीन या उसके नेटवर्क से किसी प्रकार का सीधा या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध रहा है।
कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि जिस संस्था रियल पार्टनर्स LLC में पुरी काम कर चुकी हैं, उसे एपस्टीन या उसके सहयोगियों से वित्तीय लाभ मिला था। इसके अलावा एक व्यक्ति रॉबर्ट मिलार्ड के साथ मिलकर Lehman Brothers को गिराने से जुड़े आरोप भी लगाए गए।
‘पूरी तरह झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप’
हिमायनी पुरी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने सनसनी फैलाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा से ज्यादा वायरल करने के उद्देश्य से एडिट किए गए वीडियो, भ्रामक कैप्शन और छेड़छाड़ किए गए थंबनेल के जरिए इन आरोपों को फैलाया है।
बदनाम करने की सोची-समझी साजिश का आरोप
याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्हें भारत और विदेशों में बदनाम करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। पुरी का कहना है कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह एक स्वतंत्र और पेशेवर रूप से सफल व्यक्ति हैं और इस तरह के झूठे आरोप उनके सम्मान और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए उन्होंने अदालत से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर मानहानिकारक सामग्री हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।














