नोएडा। फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन की ओर से रविवार को होशियारपुर, सेक्टर-51 में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में करीब 100 से अधिक लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ लिया। शिविर में मरीजों की निःशुल्क जांच के साथ-साथ आवश्यक दवाओं का भी वितरण किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे, जो मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग और लंबे समय तक गलत पोस्चर में रहने के कारण गर्दन, कंधों और पीठ की नसों में अकड़न व दर्द की समस्या से परेशान थे। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि आजकल ‘टेक नेक सिंड्रोम’ तेजी से बढ़ रहा है। फोन देखते समय गर्दन को आगे झुकाने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे नसें दब जाती हैं और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।
उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि ठंड के कारण मांसपेशियों में रक्त संचार कम हो जाता है। लंबे समय तक एक ही पोस्चर में बैठे रहने से मांसपेशियों में खिंचाव और अकड़न बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए गर्म सिकाई, नियमित स्ट्रेचिंग, सही पोस्चर अपनाने, मोबाइल के सीमित उपयोग और बीच-बीच में ब्रेक लेना बेहद जरूरी है।
यह स्वास्थ्य शिविर फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन द्वारा मिंटू यादव के विशेष प्रयासों से उनके गांव के लोगों के लिए आयोजित किया गया। शिविर में डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, डॉ. भावना आनंद और डॉ. सुश्मिता भाटी ने अपनी निःशुल्क सेवाएं प्रदान कीं। डॉक्टरों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं दीं और स्वास्थ्य, फिजियोथेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी के प्रति जागरूक किया।
शिविर के दौरान घुटनों के दर्द, कमर व पीठ दर्द, महिलाओं के पेल्विक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, साथ ही धूम्रपान से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों पर भी विशेष जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी।
इस अवसर पर इलिका रावत, कृष्णा यादव, आयुष सिंह, अभिनव प्रताप सिंह, रजत शर्मा, नितिक ओझा सहित फाउंडेशन की पूरी टीम मौजूद रही। स्थानीय लोगों ने इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।














