महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के विमान हादसे को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने स्पष्ट कहा है कि किसी को भी संदेह हो तो वह उचित प्राधिकरण के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कह रहा कि किसी को संदेह नहीं होना चाहिए, लेकिन संदेह का पत्र DGCA को या हमें दिया जाना चाहिए। हम उसे DGCA को सौंप देंगे। हर संदेह का जवाब मिलना चाहिए।”
DGCA, CID और CBI जांच की मांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे की जांच Directorate General of Civil Aviation (DGCA) और राज्य की CID कर रही है, जबकि केंद्र सरकार से CBI जांच की भी मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जिस विमान में हादसा हुआ, उसमें वे स्वयं भी 4–5 बार यात्रा कर चुके हैं।
फडणवीस के मुताबिक, डीजी सेफ्टी के 13 मानकों पर जांच शुरू हो चुकी है, सभी डेटा एकत्र किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर विदेशी एजेंसी की मदद भी ली जा रही है। संबंधित कंपनी की ऑडिट भी DGCA द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए और अगर किसी को संदेह है तो उसे औपचारिक रूप से संबंधित एजेंसी तक पहुंचाना चाहिए।
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र शुरू
सोमवार से महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस सत्र में 15 विधेयक पेश किए जाएंगे और 6 मार्च को वे स्वयं बजट पेश करेंगे।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार ने बजट की तैयारी में काफी मेहनत की थी, लेकिन आज वे हमारे बीच नहीं हैं। “अगर कोई योजना संभव नहीं होती, तो वे साफ बता देते थे। उन्होंने कभी अनुशासनहीन प्रशासन को बर्दाश्त नहीं किया,” फडणवीस ने कहा।
राज्य कोष में 20,000 करोड़ की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से राज्य को मिलने वाली राशि में 20,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है और अब महाराष्ट्र को 98,306 करोड़ रुपये मिलेंगे। रेलवे बजट के लिए 23,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दस वर्षों में राज्य को 12,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि अब एक वर्ष में ही 23,000 करोड़ रुपये मिले हैं।
कृषि में AI का विस्तार: ‘महा विस्तार’ ऐप
फडणवीस ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि अजित पवार ने 500 करोड़ रुपये की AI परियोजना शुरू की थी, जिसके तहत ‘महा विस्तार’ ऐप तैयार किया गया।
यह बहुभाषी ऐप किसानों को मौसम, फसल पैटर्न और बाजार कीमतों की जानकारी देता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के 30 लाख किसान इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं और इससे उत्पादन लागत में 25 से 40 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भील भाषा में भी प्रश्न पूछे, तो उसे उसी भाषा में जवाब मिल जाता है।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की ओर से उन्हें एक पत्र मिला है, जिस पर शरद पवार गुट के एक पूर्व विधायक के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनादेश का अपमान करता है और सरकार के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करता है।
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार विकास, कर्ज और देनदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए कोई भी योजना बंद नहीं करेगी और अजित पवार के सुझावों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय जहां एक ओर विमान हादसे की जांच पर निगाहें टिकी हैं, वहीं बजट सत्र और कृषि में AI जैसी पहलों पर भी राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।














