चुनाव आयोग ने रविवार को देश के पांच राज्यों— पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सभी राज्यों में मतदान अप्रैल महीने में कराया जाएगा, जबकि मतगणना 4 मई को एक साथ होगी।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन राज्यों में कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच माना जा रहा है।

असम में एक चरण में चुनाव
Assam की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के बीच होने की संभावना है।

केरल में LDF और UDF के बीच सीधी टक्कर
Kerala की 140 विधानसभा सीटों के लिए भी 9 अप्रैल को मतदान होगा। केरल में आमतौर पर मुख्य मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच होता है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी इस बार राज्य में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग
Tamil Nadu की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। राज्य में चुनाव प्रचार तेज हो चुका है और राजनीतिक दल गठबंधनों तथा सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान

केंद्र शासित प्रदेश Puducherry की 30 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। यहां कांग्रेस, डीएमके और सीपीआई गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन में एआईएडीएमके, भाजपा और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस शामिल हैं।
कई राज्यों में उपचुनाव भी
चुनाव आयोग ने इसके साथ ही कुछ राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान किया है। Goa, Karnataka, Nagaland और Tripura में 9 अप्रैल को उपचुनाव होंगे, जबकि Maharashtra और Gujarat में 23 अप्रैल को उपचुनाव कराए जाएंगे।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर जोर
चुनाव आयोग ने कहा कि सभी राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। संविधान के अनुच्छेद 324 और Representation of the People Act, 1951 के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और जमीनी स्तर पर चुनाव प्रबंधन पर नजर रखेंगे।
चुनाव आयोग की टीम ने हाल ही में पश्चिम बंगाल सहित अन्य चुनावी राज्यों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक तैयारियों और मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की थी।
इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देश की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।














