गाज़ीपुर खानपुर थाना क्षेत्र के अमेहता वनवासी बस्ती की एक महिला के साथ पारिवारिक विवाद ने सोमवार देर शाम गंभीर रूप ले लिया, जब उसका पति मनोज वनवासी शराब के नशे में ससुराल पहुँच गया। पहुँचते ही उसने दहेज और पैसों की माँग करते हुए पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
गर्म सब्जी फेंककर जलाने का प्रयास
मारपीट बढ़ने पर जब महिला के पिता और परिजनों ने बीच-बचाव किया, तो मनोज और भड़क गया। आरोप है कि उसने पत्नी को जलाने के इरादे से उस पर गर्म सब्जी फेंक दी, जिससे वह झुलस गई। पीड़िता किसी तरह सिधौना पुलिस चौकी पहुँची, जहाँ से उसे रामपुर मांझा थाने भेजा गया, लेकिन क्षेत्राधिकार के कारण उसे पुनः खानपुर थाना भेज दिया गया।
थानाध्यक्ष ने दर्ज कराया मुकदमा
बुधवार सुबह पीड़िता महिला थाना पहुँचकर न्याय की गुहार लगाने लगी। उसकी तहरीर पर थानाध्यक्ष खानपुर राजीव पांडेय ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी किए। पीड़िता की हालत देखते हुए उसका मेडिकल भी कराया गया।
मेडिकल के बाद वसूली का आरोप
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि मेडिकल करवाकर लौटते समय महिला सिपाही ने उससे 500 रुपये लिए, जबकि एक अन्य महिला ने 900 रुपये वसूल लिए। इसके अलावा चौकी इंचार्ज सिधौना पर मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत माँगने का भी आरोप लगाया गया।
थानाध्यक्ष के हस्तक्षेप से वापस मिले रुपये
पीड़िता की शिकायत पर थानाध्यक्ष तुरंत सक्रिय हुए और संबंधित महिला को बुलवाकर 900 रुपये वापस दिलवाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को कोई पैसा देने की आवश्यकता नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
पीड़िता का कहना है कि चौकी इंचार्ज ने धमकी दी थी कि जब तक 10,000 रुपये नहीं दिए जाएंगे, मुकदमे में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी, परंतु उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से अब उसे न्याय की उम्मीद है














