नोएडा/गोरखपुर। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित Gorakhpur Physiocon 3.0 के मंच पर नोएडा सेक्टर 70 स्थित फस्ट रिहैब फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह को प्रतिष्ठित फिजियोरत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फिजियोथेरेपी और पुनर्वास (Rehabilitation) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण और वर्षों की समर्पित सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों और पुनर्वास पेशेवरों ने जोरदार तालियों के साथ इस उपलब्धि का स्वागत किया। मंच से वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सिंह का कार्य न केवल क्लिनिकल उत्कृष्टता का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि संवेदनशील देखभाल और वैज्ञानिक पद्धतियों का संतुलन मरीजों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकता है।
क्लिनिकल उत्कृष्टता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण
डॉ. महिपाल सिंह को यह सम्मान विशेष रूप से उनकी क्लिनिकल उत्कृष्टता, आधुनिक पुनर्वास तकनीकों के उपयोग और व्यक्तिगत उपचार योजनाओं के लिए दिया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसे अनेक मामलों का सफल उपचार किया है, जहाँ मरीजों की शारीरिक कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
उनका मानना है कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द से राहत तक सीमित नहीं, बल्कि यह मरीज के संपूर्ण जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। इसी सोच के साथ उन्होंने उपचार पद्धतियों में नवाचार को बढ़ावा दिया और बहु-विषयक (Multidisciplinary) पुनर्वास मॉडल को अपनाया।
“समर्पण,सेवा व विशेषज्ञता का सम्मान- #DrMahipalSingh को ‘फिजियो रत्न’ से नवाज़ा जाना पूरे पुनर्वास जगत के लिए गर्व का क्षण@Firstonerehab
उनकी मरीज-केंद्रित सोच और नवाचार की प्रतिबद्धता स्वास्थ्य सेवा में नई दिशा दे रही है।”#PhysioRatna #Physiotherapy #Noida #Rehabilitation pic.twitter.com/rnGxIqKg4d
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) February 22, 2026
फाउंडेशन की भूमिका और सामाजिक योगदान
नोएडा स्थित फस्ट रिहैब फाउंडेशन के माध्यम से डॉ. सिंह ने पुनर्वास सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने का प्रयास किया है।
जागरूकता अभियानों के जरिए फिजियोथेरेपी के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया।
आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के समन्वय से उपचार की गुणवत्ता बढ़ाई।
सामुदायिक स्तर पर शिविरों और परामर्श कार्यक्रमों का आयोजन किया।
सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों ने कहा कि डॉ. सिंह का दृष्टिकोण आधुनिक वैज्ञानिक शोध और व्यावहारिक उपचार रणनीतियों का संतुलित संयोजन प्रस्तुत करता है, जो युवा फिजियोथेरेपिस्टों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
टीम के लिए गर्व का क्षण
फिजियोरत्न सम्मान न केवल डॉ. महिपाल सिंह के लिए, बल्कि उनकी पूरी टीम और फाउंडेशन के लिए भी गर्व का विषय बना। संस्थान के सदस्यों ने इसे सामूहिक समर्पण, अनुशासन और सेवा-भावना का प्रतीक बताया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने अपने सहयोगियों, मरीजों और परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “निरंतर सीखना, संवेदनशील देखभाल और ईमानदार प्रयास ही स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।”
फिजियोथेरेपी और पुनर्वास के क्षेत्र में अपने सतत प्रयासों से डॉ. महिपाल सिंह ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि समर्पण, नवाचार और मानवीय दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवा में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।














